प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों का हुआ चयन: यूपी


लखनऊ: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में प्रदेश के कई जिलों में अपात्रों का भी चयन हो गया है। जिलों में लाभार्थियों के सत्यापन के दौरान इस बात का पता चला। यह जानकारी जैसे ही सरकार को मिली तत्काल अपात्रों के नाम हटाने के निर्देश दिए। साथ ही इनके स्थान पर नए लाभार्थियों के नाम जोडऩे के निर्देश दिए हैं।

शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) संचालित करती है। इस योजना में प्रदेश में अब तक कुल 263650 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। सभी आवासों की जियो टैगिंग होनी है, लेकिन अभी तक मात्र 10972 आवासों की ही जियो टैगिंग हुई है। वहीं, लाभार्थियों के सत्यापन में काफी संख्या में अपात्र मिले हैं।

ये सत्यापन कंसलटेंट ने किया है। कई जिलों में डीएम ने लेखपालों व अन्य अफसरों से सत्यापन कराया है। इसमें कई जिलों में गड़बडिय़ां मिली हैं। अलीगढ़, मीरजापुर, फैजाबाद व कानपुर में 5224 लाभार्थियों के आधार नंबर सही नहीं मिले हैं। स्थिति यह है कि इन जिलों के नगरीय निकायों में 48820 आवासों की स्वीकृति मिली है। यहां अभी तक कुल 19782 लाभार्थी ही पात्र मिले हैं।

इसी प्रकार इलाहाबाद, झांसी व सहारनपुर में कुल 39679 आवास स्वीकृत हुए हैं। वहां भी काफी संख्या में अपात्र मिले हैं। चित्रकूट, मेरठ व मुरादाबाद में 1034 लाभार्थियों के आधार नंबर गलत मिले हैं। आगरा, लखनऊ, गोरखपुर व वाराणसी में 86603 आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें अभी तक 34676 लाभार्थी पात्र पाए गए हैं। इन जिलों में बाकी लोगों की जांच हो रही है।

निर्माण 25 तक शुरू करने के निर्देश
सूडा ने पात्र लाभार्थियों के आवास निर्माण का काम 25 जनवरी तक शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सूडा ने कंसलटेंट को सभी स्वीकृत आवासों की ग्राउंडिंग कार्य शुरू करने के लिए कहा है। साथ ही सभी आवासों की जियो टैगिंग कच्चा घर तोडऩे से पहले चूना डलवाकर करने के निर्देश दिए हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन में कई मानक हैं। इसमें लाभार्थी का पक्का घर नहीं होना चाहिए, लेकिन कई बार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाभार्थी बन जाते हैं। जब सत्यापन होता है तो अपात्र लोगों को चयनित सूची से हटा दिया जाता है। सभी जिलों से ऐसे अपात्रों की सूची एकत्र की जा रही है। इनके स्थान पर नए पात्र लाभार्थियों का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लाभार्थियों की संख्या में कोई बदलाव न हो।

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