मऊ खाद्यान्न घोटाला

राशनकार्ड और आधार में गड़बड़ी करके यूनिट बढ़ा कर खाद्यान्न वितरण में बड़ी हेराफेरी।

Soft food scandal in Mau, Uttar Pradesh.

मऊ।

मऊ जिले में खाद्यन्न विभाग में हो रही धांधली में चौकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं। इन आंकड़ों को देख कर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि मऊ जिले में खाद्यापूर्ती विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहराईयों तक व्याप्त है। सूत्रों की मानें तो जांचोपरांत विभाग में इस तरह की बड़े पैमाने की चोरी में विभाग के छोटे कर्मचारियों के साथ बड़े अधिकारियों का भी चेहरा सामने आ सकता है। सूत्रों के हवाले से हमारे द्वारा ऑनलाइन 163 सस्ते गल्ले की दुकानों की सूची निकाली गई, जिनमें कुछ दुकानें ऐसी सामने आईं हैं जिनके फरवरी 2018 माह के कार्ड और यूनिट के आंकड़ों और मई 2018 के कार्ड और यूनिट के आँकड़ों में अंतर चौकाने वाले हैं।

 Report
Sr No. Shop Name Feb 2018 Cards May 2018 Cards
Total Cards Total Units Total Cards Total Units Difference
1 Quresha Khatoon, Munshipura 241 1180 290 1990 810
2 Chandra Shekhar Gupta, Raghunathur 288 1576 337 2192 616
3 The Kamgar,Alhdadpura 209 1102 220 1363 261
4 The Kamgar Malik, Tahirapur 300 1570 271 1957 387
5 Prakshchand, Tahirapur 339 1651 270 2072 421
6 Gyanti Devi, Mughalpura 390 1770 409 2662 892
7 Pushpa Rai, Rajaraipura 342 1910 342 2247 337
8 Rajesh Srivastava, Aurangabad 404 1802 402 2695 893
9 Sahkari Gram Bank, Mughulpura 331 1715 331 2095 380
10 Kamlesh Siani, Chaksadi 294 1965 337 2644 679
11 Vijay Prakash Rai, Rajarampura 443 2903 443 3158 255
12 Binisha 505 2276 483 3039 763

 

जमीनी हकीकत जानने के लिए हमारे संवाददाता ने जब मऊ जिले का रुख किया और पड़ताल की तब उन्होंने यह पाया कि जिन कोटेदारों की साँठ गाँठ जिलापूर्ति कार्यालय में तैनात भ्रष्टाचार में लिप्त क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी मनोज कुमार सिंह (जिनको स्थान्तरण कर बाद अभी तक रिलीज नही किया गया) और पूर्ति निरीक्षक हर्षिता राय एवँ लिपिक धीरज कुमार अग्रवाल तथा जिलापूर्ति अधिकारी के अंतर्गत काम करने वाले प्राइवेट कर्मचारी एवं चपरासी नारायण यादव व जिलापूर्ति अधिकारी से रही है, वो मनमाने ढंग से कार्ड एवं यूनिट बढ़ाकर राशन उठान कर सकते हैं। एवं भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा खुद फर्जी आधारकार्ड चढ़वा कर जिसमे कार्ड किसी और का और आधार नंबर किसी और का बनाकर राशन की कालाबाज़ारी कर भ्रष्टाचार किया जाता है, एवं शासन से जो कार्ड धारकों को तेल का आवंटन प्राप्त होता है उससे कम तेल दुकानदारों को देकर शेष तेल ब्लैक में बेचवाकर योगी शासन के मंशा के विपरीत, जिला खाद्यान्न विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर धन उगाही की जाती है।

मऊ जिले से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर एवं काबिना मंत्री दारा सिंह चौहान और भाजपा विधायक फागू चौहान और प्रदेश सरकार द्वारा नियुक्त किये गए मऊ जिले के प्रभारी नंद गोपाल नंदी तक को इस बड़ी अनियमितता और घोटाले के बारे में खबर ना होना योगी सरकार व मोदी सरकार का, जनता की समस्याओं का सीधा सरोकार न होना भी जिले के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे द्वारा उजागर की गई खाद्यापूर्ती विभाग की अनियमितता और कर्मचारियों के द्वारा किये गए भ्रष्टाचार में दिए गए अभिलेख एक अंश मात्र है। बाकी विभाग द्वारा की जा रही अनियमिताओं की जाँच गहन तरीके से कराई जाए तो गोण्डा और फतेहपुर जिले की तरह खाद्यान्न विभाग द्वारा किये जा रहे घोटाले की जद में बहुत से बड़े नाम सामने आएंगे। हमारे संवाददाता द्वारा वर्तमान जिलापूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी से टेलीफोन द्वारा बात करने पर उनके द्वारा सटीक जवाब न देते हुए उलटा अपने पद का रौब दिखाते हुए शिकायकर्ता को फंसा देने की बात कही गयी जब अधिकारियों का रुख ऐसा रहेगा तो जिले की जनता को इस तरह की अनियमितता और घोटालों की आदत डाल लेनी चाहिए। गौरतलब है कि पहले ही इस प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय के जनता दर्शन में शिकायत की गई है एवं स्थानिय भाजपा सभासद दिनेश कुमार सिंह वार्ड नं०6 द्वारा शिकायत्पात्र के माध्यम से उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है जो कि प्रमुख सचिव,खाद्य तथा रसद विभाग,उ०प्र०शासन एवं आयुक्त,खाद्य तथा रसद विभाग,उ०प्र० जवाहर भवन,लखनऊ द्वारा जांच पार्थ अच्युत, उपायुक्त(खाद्य) वाराणसी मण्डल, वाराणसी, के पास विचाराधीन है। इस प्रकरण में खाद्यान्न विभाग द्वारा ही जांच कराना शासन की मंशा पर प्रश्नचिन्ह है।

@Pushpen40953031

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