मऊ खाद्यान्न घोटाला (भाग – 3)

मऊ खाद्यान्न घोटाले में मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान।

Soft Food Scam (Part – 3)

              

मऊ जिले में जिलापूर्ति कार्यालय में तैनात पूर्ति निरीक्षक हर्षिता राय एवँ लिपिक धीरज कुमार अग्रवाल तथा जिलापूर्ति अधिकारी के अंतर्गत काम करने वाले प्राइवेट कर्मचारी एवं चपरासी नारायण यादव के द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार को, अंततः मुख्यमंत्री ने संज्ञान में लेते हुये शिकायत को जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया है जिसका पंजीकरण क्रमांक 12192180150270 है।

मुख्यमंत्री द्वारा शिकायत को अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव खाद्य एवं रसद विभाग, को अग्रसारित कर दिया गया है। आपको बता दें की मऊ जिले में पिछले कई सालों से निरंतर चल रहे खाद्यान्न घोटाले में भले ही पूर्ति निरीक्षक हर्षिता राय एवँ लिपिक धीरज कुमार अग्रवाल तथा जिलापूर्ति अधिकारी के अंतर्गत काम करने वाले प्राइवेट कर्मचारी एवं चपरासी नारायण यादव का नाम सामने आ रहा है, भले ही यह दोषी हों लेकिन सवाल यह है कि अखिर भ्रष्टाचार का यह खेल किसके इशारों पर खेला जा रहा है।

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इस भ्रष्टाचार के मामले में मिली जांच में पार्थ अच्युत, उपायुक्त(खाद्य) वाराणसी मण्डल, वाराणसी द्वारा निरंतर की जा रही लापरवाही और वर्तमान जिलापूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी द्वारा के रवैये को देख कर यह लगता है कि कहीं न कहीं विभाग अपने भ्रष्ट कर्मचारियों के साथ है। मऊ खाद्यान्न घोटाले में S.I. न्यूज़ टुडे  द्वारा भी कई प्रकार के सबूत प्रकाश में लाये गए हैं। इस मामले में पूर्व में भी मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रीयों से शिकायत की जा चुली है जिसमे कोई भी कार्यवाही नही देखने को मिली। शिकायकर्ता के अनुसार उसने राज्यमंत्री खाद्य व रसद अतुल गर्ग से भी शिकायत की लेकिन वहां भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई अब मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले को संज्ञान में लिए जाने पर उनको यह आशा है कि मऊ खाद्यापूर्ती विभाग में हो रही चरी और अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

@Pushpen40953031

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