पथरी, लिवर, डायबिटीज से लेकर भयंकर रोगों का रामबाण इलाज़ है तरोई की सब्ज़ी

तोरई को आयुर्वेद में पथरी का रामबाण इलाज माना जाता है।

Ridge gourd is remedy for kidney stones, liver, diabetes and other many terrible diseases.

         

तोरई की सब्जी बहुत स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है। तोरई में काफी मात्रा में पानी होता है, ये पाचन में आसान होती है और पेट को कई बीमारियों से बचाती है। तोरई को आयुर्वेद में पथरी, लिवर, डायबिटीज से लेकर भयंकर रोगों का रामबाण इलाज माना जाता है।

1. पथरी के लिए- अगर आपको छोटी पथरी है या पथरी की शुरुआत है, तो तोरई के सेवन से पथरी धीरे-धीरे गलती है और समाप्त हो जाती है। तोरई में काफी मात्रा में फाइबर होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन सी, राइबोफ्लेविन, जिंक, थियामिन, आयरन और मैग्नीशियम होता है इसलिए इसे खाने से किडनी की पथरी के साथ-साथ अन्य रोग समाप्त हो जाते हैं।

2. लिवर रोगों में- तोरई रक्त शुद्धिकरण के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है साथ ही यह लिवर के लिए भी गुणकारी होता है। पीलिया होने पर अगर रोगी की नाक में 2 बूंद तोरई के फल का रस डाल दें, तो नाक से पीले रंग का द्रव बाहर निकलता है। जिससे पीलिया रोग जल्दी समाप्त हो जाता है।

3. वजन कण्ट्रोल करने में- एक तोरई में लगभग 95 प्रतिशत पानी और केवल 25 प्रतिशत कैलोरी होती है। जिससे वजन नहीं बढ़ता। इसमें संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल की भी बहुत ही सीमित मात्रा होती है जो वजन कम करने में सहायक होती है।

4. डायबिटीज में भी- तोरई ब्‍लड और यूरीन दोनों में शुगर के स्‍तर को कम करने में मदद करती है। इसलिए यह डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होती है। तोरई में इन्सुलिन की तरह पेप्टाईड्स पाए जाते हैं। इसलिए इसे डायबिटीज नियंत्रण के लिए एक अच्छे उपाय के तौर पर देखा जाता है। इसलिए सब्जी के तौर पर इसके इस्तेमाल से डायबिटीज में फायदा होता है।

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