उच्च न्यायालय के आदेश लेकर डीएम से मिला ठेकेदारो का प्रतिनिधिमंडल, लगाया मनमानी का आरोप


Delegation of Contractors’ representatives meet to DM, regarding order of High Court order.

   

सुल्तानपुर नगरपालिका अध्यक्ष की मनमानी के खिलाफ उच्च न्यायालय के आदेश को लेकर आधा दर्जन ठेकेदारो ने जिलाधिकारी विवेक से शुक्रवार को मुलाकात की उन्होंने नगरपालिका अध्यक्ष व उनके पति पर मनमाने ढंग से ठेकेदारो के पंजीयन करने व नियम विरुद्ध उन सबका पंजीयन निरस्त किए जाने का आरोप लगाया।

मिली जानकारी के अनुसार नगरपालिका अध्यक्ष बबिता जायसवाल ने अपने पति की शह पर 2018-19 के लिए पालिका में ठेकेदारो का पंजीयन खुद के जेबी ठेकेदारो का कर लिया बाकी बिना कारण के एक दर्जन पंजीयन निरस्त कर दिया था। आक्रोशित ठेकेदारो ने डीएम विवेक से गुहार लगाई थी जिस पर डीएम ने पंजीयन निरस्त कर पुनः सभी का पंजीयन करने का आदेश दिया था, पर पालिका-अध्यक्ष ने हठधर्मी के चलते उसे मानने से इनकार करते हुए बिना पंजीयन के ही टेंडर निकाल दिया जिसके खिलाफ सभी ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्ड पीठ में याचिका दायर की थी जिस पर न्यायाधीश ने डीएम विवेक को नियम व कानून संगत कार्य कराए जाने का आदेश जारी किया।

उक्त आदेश की कॉपी डीएम को सौपते हुए टैक्सी स्टैंड पर अवैध लोगो द्वारा हो रही वसूली, खारिज दाखिल के अधिकार का भी मुद्दा उठाया उनका आरोप था कि नियम विरुद्ध, तानासाही से नगरपालिका अध्यक्ष के पति कर्मचारियो को डरा धमका कर जबरन फाइल प्रस्तुत करने का दबाव बनाते है, यही नही ठेकेदारो के पंजीयन ,टैक्सी स्टैंड खारिज दाखिल के मामले में भी मनमाना रवैया अख्तियार करते है। डीएम विवेक ने दूरभाष पर ईओ नगरपालिका से सारे वाकये के सम्बंध में जानकारी करते हुए नियम सम्मत कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस बाबत शहर में चर्चा का बाजार आम है। लोगो का कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश के साथ ही हाइकोर्ट के आदेश को भी ठेंगा दिखाने में नपा अध्यक्ष के पति माहिर है। अभी तक डीएम के आदेश को भी वह ठेंगा दिखाते रहे है ।पर डीएम इनपर कोई ठोस कार्यवाही करने में सफल नही हुए है।

Reported By- राजदेव (सुल्तानपुर) 

Previous 'How To Murder Your Husband' लिखने वाली नॉवेल राइटर ने ली अपने पति की जान
Next स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 - शहर को नंबर नहीं बल्कि स्टार रैंकिंग से आँका जायेगा