जहानाबाद में मँडी समिति के अधिकारियों / कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण किसानों की लाचारी का उठा रहे फायदा


The advantage of the helplessness of the farmers due to the collusion of employees.

  

जहानाबाद में मंडी समिति के सब्जी व्यापारियों के सिंडीकेटोँ के जाल मे फसा हैं, क्षेत्र का मजबूर किसान जहां एक ओर सब्जी उत्पादन मे क्षेत्र नम्बर वन है। जहानाबाद अमौली सहित आसपास का क्षेत्र सब्जी उत्पादन करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है वहीं यहां के उत्पादित किए हुए किसानों का कच्चा माल देश की बड़ी बड़ी मंडियों पर बिक्री होता है। वह इन सिंडीकेट व्यापारी द्वारा एक सिंडीकेट के चलते किसानों का माल खरीद कर उन्हें बड़ी-बड़ी मंडियों पर बेचकर मोटा मुनाफा वसूल कर उन्हें बिके हुए माल की आधी अधूरी कीमत किसानों को थमा रहे है। मुनाफाखोरी के चलते रातों रात बन रहे हैं लखपति और करोड़पति।

जहां एक ओर किसान हाड़-कपाऊ सर्दी तथा बरसात सहित भीषण गर्मी का प्रकोप झेल इस क्षेत्र का किसान सब्जी का उत्पादन करने के लिए दिन रात एक कर देता है तो वहीँ जब उसे वह अपने उत्पादन की हुई सब्जी बेचने बाजार जाता है तो यहां का सिंडीकेट व्यापारी मुनाफाखोरी के चलते उससे उधार माल खरीद बगैर भाव बताएं उसे अन्य प्रांतों की मंडियों पर भेजने के बाद हफ्तों बाद उनका भुगतान मनमाने रेट से करने का कार्य करते हैं। जहां एक ओर इन पर मंडी समिति के बड़े-बड़े अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत होती है तो वहीं मंडी का करोड़ों रुपए सलाना का राजस्व का चूना लगाने से भी मुनाफाखोर व्यापारी नहीं चूकते।

वर्तमान समय में इन दिनों मिर्च व फूलगोभी का उत्पादन बड़े जोरों से हो रहा है, लगभग 40 से 50 ट्रक मिर्चा क्षेत्र से निकलकर अन्य प्रांतों में जाता है। यहां का मुनाफाखोर व्यापारी सबसे पहले किसानों को ठगने का काम करता है। उसके उपरांत आधी अधूरी मंडी की अदायगी कर गैर प्राँत में भेजने का कार्य कर रहा है। जहां एक ओर शासन को लाखों रुपए का राजस्व का चूना लगने के बावजूद मँडी समिति अपने कर्मचारियों की पीठ थपथपाने में मशगूल होते हैं वहीं दूसरी तरफ यह मुनाफाखोर व्यापारी ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच किसानों माल तौल कराते हैं।

जहां मनचाही तौल कर कर किसानों के छलावा करते हैं ग्रामीण क्षेत्रों मे लगने वाली मँडी पूरी तरह से अवैध हैं वहीँ दूसरी तरफ कर रहे हैं क्षेत्र के किसान इन दिनों मुनाफाखोरी व्यापारियों व सिंडीकेट के विरुद्ध धीरे-धीरे धीरे आवाज बुलँद करने का कार्य कर रहे हैं। बीते 2 दिन पूर्व थाना क्षेत्र के खजुरिया ग्राम में हुई मारपीट का भी नतीजा सिर्फ किसान द्वारा भाव पूछने का कारण बताया जा रहा है परंतु वहीं व्यापारी एकजुट होकर प्रशासन व शासन के ऊपर दबाव बनाकर निर्दोष किसानों को जेल भेजने का भी कार्य कराने पर जुटे हुए थे। थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह ने मौके की नजाकत भांपकर उन किसानों को शांति भंग के आरोप पर चालान भेजने कार्य का कार्य किया जिससे वहां धीरे-धीरे किसानों का आक्रोश बढ़ता चला जा रहा है इन मुनाफा को व्यापारियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो वह दिन दूर नहीं यहां का भी किसान सड़कों पर उतर आएगा।

Reported By- Sandeep Kumar (Fatehpur/Unnao/Kanpur)

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