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विचार


मृत्युंजय दीक्षित वर्तमान में गुजरात चुनावों के कारण कांग्रेस सहित समूचा विपक्ष अचानक से सरकार से शीतकालीन सत्र जल्द बुलाने की मांग करने लग गया है। पता नहीं देश में आखिर ऐसा क्या हो गया है कि आज सभी विपक्षी दलों को संसद की बड़ी चिंता हो गयी है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि …

Source :Viwe Source रूमाना सिद्दीक़ी – मुझे सच में आज तक समझ नही आया की मौलवी कपड़ों के छोटे-बड़े, कम ज्यादा आदि बातों पर ही क्यों फतवे जारी करते हैं कभी इस बात पर फ़तवा क्यों नही निकलता की – *सभी लड़कियों का पढ़ना जरूरी है। *औरत की इज़्ज़त करें। *भ्रूण हत्या इस्लाम के खिलाफ …

Source :Viwe Source रूमाना सिद्दीक़ी – हर दिन देश में हजारो बलात्कार होते है जो की मर्द की विकृत हवसी शैतानी मानसकिता की ऊपज है। इन बलात्कारियो के आगे सभी कायदे कानून तब तक ध्वस्त है जब तक बलात्कारी को 1 साल के अंदर फांसी का फ़रमान न जारी हो जाये। अगर किसी को 5 …

मृत्युंजय दीक्षित उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में सत्त्तासीन होने के बाद भारतीय जनता पार्टी की नजरें अब बेहद कमजोर व चुनौतीपूर्ण राज्यों के चुनावों को जीतने में लग गयी हैं। केरल एक ऐसा राज्य है जहां राजनैतिक हत्याओं का बाजार गर्म है तथा इस हिंसक राजनीति के खिलाफ अब भारतीय जनता पार्टी व आरएसएस …

पुष्पेंद्र प्रताप सिंह -कल पूरे भारत अपितु विश्व के कई देशों में विजयदशमी का पर्व मनाया गया। बचपन से सुनता आ रहा हूँ कि बुराई पर अच्छाई की जीत हुई है। लेकिन ऐसा केवल सुनता आ रहा हूँ देखने को कम ही मिलता है। एक प्रकांड विद्वान 10 सिर वाले अपनी बहन के आत्मसम्मान के …

Source :Viwe Source शाहिल मिश्रा- ( इस पोस्ट को किसी भी धर्म का विरोध करने के लिए नही लिखा गया है। केवल हिन्दू धर्म मैं RIP से श्रद्धांजलि क्यों नहीं देनी चाहिए यह जानकारी देने हेतु लिखी गई है । जाने अनजाने मैं कई बाते ऐसी होती है की हमें उसका सही मतलब पता ही …

Source :Viwe Source रूमाना सिद्दीक़ी- रोहिंग्या मुसलमान को भारत में बसा लो, राम जन्मभूमि पर अस्पताल बनवा दो, गाय खाने दो, हज सब्सिडी दे दो, ख़ून पसीने का टैक्स दे दो, अल्पसंख्यक दर्जा, अलग राज्य और फिर भारत के टुकड़े भी करवा दो। जिस थाली में खाएंगे उसी में छेद कर डालेंगे। धर्मनिरपेक्षता और मानवता …

पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह-रेल गाड़ी रेल गाड़ी….जी हां अशोक कुमार जी ने जिस अंदाज में इस गाने को फिल्माया था ठीक उसी अंदाज में रेल गाड़ी का चित्रण हमारे मन में आज तक चल रहा था। पहाड़, नदियों,गांव, खेतों,शहरों के बीच से निकलती रेल गाड़ी भारत के प्राकृतिक, सांस्कृतिक,और भारतीय समाज के रहन सहन का असली …

Source :Viwe Source अशोक सिंह राजपूत–मयंमार के सैनिकों द्वारा रोहिंग्या को आखिरकार इसलिए खदेड़ा गया क्यूंकि मयंमार के बहुसंख्यक बौद्ध-नागरिकों, परिवारों और गावंवालों पर किये गए अत्याचार और लूट को बीते कई दशकों से व्यापकता से अंजाम दिया गया था सेना भी गठित के विद्रोह किया, रोहिंग्या-घुसपैठिये मयंमार के अलावा असम और वेस्ट-बंगाल में वोटर …

मृत्युंजय दीक्षित श्रेष्ठश्रम को साधना और समर्पण वृद्धि की जोड़ मिले तो समाज में निःसंदेह समृद्धि पैदा होगी । श्रम से अर्थोत्पादन होता है और अर्थ ही इच्छापूर्ति का साधन है। श्रम ही यज्ञ है साधन और अनुसंधान उसके उपचार है। कुशलता इस साधन की उपलब्धि है। भगवान विश्वकर्मा जी ने अपने श्रेष्ठ कार्यो के …