Could create table version :No database selected कैंसर में होम्योपैथी विषयक ग्लोबल वेबीनार का हुआ आयोजन। - SI News Today
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कैंसर में होम्योपैथी विषयक ग्लोबल वेबीनार का हुआ आयोजन।

कैंसर में होम्योपैथी विषयक ग्लोबल वेबीनार का हुआ आयोजन।

कैंसर में होम्योपैथी विषयक ग्लोबल वेबीनार का हुआ आयोजन।

Global webinar organized for homeopathy in cancer.

डॉक्टर भास्कर शर्मा ने अपने 13 वर्षों के कैंसर पर आधारित शोध को किया साझा।

सिद्धार्थ नगर। कैंसर के उपचार में होम्योपैथिक दवाएं बेहद कारगर हैं। होम्योपैथिक दवाएं कैंसर को फैलने नहीं देती हैं। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर की कोशिकाओं को कमजोर कर देती हैं। इससे मरीज की जीवन अवधि और बढ़ जाती है। इतना ही नहीं रेडियोथिरेपी, कीमोथिरेपी होने या फिर सर्जरी कराने के बाद होने वाले साइडइफेक्ट को भी होम्योपैथी खत्म कर देती हैं। यह कोई किताबी बात नहीं बल्कि सिद्धार्थ नगर उत्तर प्रदेश के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड सहित सैकड़ों विश्व रिकॉर्ड धारी व सैकड़ों पुस्तकों के लेखक विश्व प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. भास्कर शर्मा के 13 वर्षों के अथक प्रयास और शोध पर आधारित निष्कर्ष है। इसकी व्याख्या डॉक्टर भास्कर शर्मा ने कैंसर पर आधारित अपनी पुस्तक “द ह्यूमन साइड आफ कैंसर एंड होम्योपैथी “ में भी की है। आज डॉक्टर भास्कर शर्मा द्वारा आयोजित ग्लोबल वेबीनार में विश्व के फिलीपींस, नाइजीरिया, अफ्रीका, धाना, इजिप्ट देशों के चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया जिसमें अलग-अलग विशेषज्ञों ने अपनी कैंसर पर शोधों और उनके निष्कर्षों की व्याख्या की जिससे इस बात की पुष्टि हुई कि कैंसर में होम्योपैथी रामबाण औषधि है। यह वेबीनार बेनिफिट्स आफ होम्योपैथी इन कैंसर डिजीज विषय पर आयोजित किया गया है। आगे कैंसर के लक्षणों का खुलासा करते हुए डॉक्टर भास्कर शर्मा ने बताया कि इस रोग के लक्षण सबसे पहले नाखुन, आंखों और जीभ पर दिखाई देते हैं। आंखों का रंग हल्का पीला पड़ जाता है। जीभ के दोनों किनारों पर गड्ढे दिखाई देने लगते हैं, जिन्हें आसानी से देखा जा सकता है और नाखूनों में सूखापन आ जाता है और वे काले पड़ने लगते हैं। इन तीनों लक्षणों से ये स्पष्ट हो जाता है कि मरीज़ को कैंसर है।

अंत में डॉक्टर भास्कर शर्मा ने यह भी कहा कि देश ही नहीं विदेश में भी होम्योपैथिक दवाओं पर विश्वास बढ़ा है। कैंसर कोशिकाओं को फैलने से होम्योपैथिक दवाएं रोकती हैं। इस वेबीनार में डॉक्टर केल्विन मोरगन अफ्रीका, इमानुएल सिक्का अफ्रीका, डॉक्टर मारियो लूसरों फिलिपींस, डॉक्टर बेलेफेम इजिप्ट, प्रोफेसर डॉक्टर निरंजन नाथ तिवारी,डॉक्टर आसमा कपाड़िया, डॉक्टर सोनिया सोनिया, डॉ मनोज कुमार कटवाल, डॉक्टर मेल जुल्फिकार आलम शेख, डॉक्टर ऑटोबाजे आलूआगबंगे, डॉक्टर मोहम्मद, डॉक्टर डीन पुनी, डॉ मनोज कुमार शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।

Reported by- Khursheed Alam

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