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मऊ जनपद के खाद्य भ्रष्टाचार पर शासन की नज़र तीखी।

मऊ जनपद के खाद्य भ्रष्टाचार पर शासन की नज़र तीखी।

मऊ जनपद के खाद्य भ्रष्टाचार पर शासन की नज़र तीखी।

Government’s eye on food corruption of Mau district.

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उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में अब तक के हुए सबसे बड़े खाद्य घोटाले में अब जाकर शासन की नींद खुली है। आपको बता दें पिछले कई वर्षों से मऊ जनपद में खाद्य एवं रसद विभाग के कर्मचारियों की मनमानी व जिलापूर्ति अधिकारी द्वारा किया जा रहा भ्रष्टाचार अब तक डंके की चोट पर होता चला आ रहा है। सूत्रों की मानें तो यह भ्रष्टाचार मऊ खाद्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा जिलापूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी के सहयोग से जिले में ढंग से फलफूल रहा है। हमारे द्वारा आपको पूर्व की खबरों में यह बताया गया है कि किस तरह से भ्रष्ट जिलापूर्ति अधिकारी के संरक्षण में कोटेदारों द्वारा एक ही राशन कार्ड पर विभिन्न जाति के लोगों का नाम दर्ज कर फ़र्ज़ी तरीके से राशन की चोरी की जा रही है।

read here- योगी सरकार में भ्रष्टाचारियों ने पकड़ी दुगनी रफ्तार – एक ही राशन कार्ड में दर्ज हैं अलग अलग जाति के लोग।

हमारी खबर का संज्ञान लेते हुए खाद्य आयुक्त महोदय ने तत्काल जांच टीम गठित कर दुकानों में हो रही अनियमितता और राशन कार्ड के सत्यापन व जाँच का आदेश जारी किया है। आपको बता दें मऊ के भ्रष्ट जिलापूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी व उनके शागिर्द पूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र सागर सिंह द्वारा मिल कर किये जा रहे भ्रष्टाचार को संज्ञान में लेते हुए खाद्य आयुक्त महोदय ने जांच टीम का गठन करते हुए आदेश स० – 4659/ आ०पू०पी०डी०एस०(मऊ/2013 vol।।-।।,दिनांक 27 अगस्त,2019) जारी करते हुए बताया कि 28/8/2019 को सायं काल तक जांच अनिवार्य रूप से हो जानी चाहिए। आपकी जानकारी के लिए यह बता दें कि 4 दुकाने जो कि उ०द०वि० क्रय विक्रय (10620280), उ०द०वि० डी०सी०एफ० डोमनपुरा (10620101), उ०द०वि० दीकामगर अल्हदादपुरा (10620152), उ०द०वि० अल्हदादपुरा (10620279) हैं, इनमे बड़े पैमाने पर फर्जी राशन कार्डों द्वारा राशन की अनियमितता की जांच होनी है। खाद्य आयुक्त महोदय ने भले ही जनपद की मात्र इन चार दुकानों पर जांच करवाने का आदेश जारी किया है लेकिन पूर्व की शिकायतों को देखते हुए अगर जांच मऊ नगरपालिका व अन्य तहसीलों में स्थित दुकानों की भी की जाए तो घोटाले की नीव और गहरी व घोटाले की कालिख में कई रसूखदार अधिकारी व नेताओं के हाथ भी रंगे मिलेंगे।

अब देखना यह है कि खाद्य रसद विभाग के भ्रष्ट जिलापूर्ति अधिकारी पर इस जांच का क्या कोई असर पड़ता है या फिर जिले नेता मंत्रियों का सरंक्षण प्राप्त कर भ्रष्टाचार को पूर्व की ही तरह फिर से चलाया जाएगा।

मऊ प्रभारी मंत्री के शरण में पहुंचे मऊ खाद्य एवं रसद विभाग के भ्रष्टाचारी

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