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कम उम्र में बालो के सफ़ेद होने से अगर आप भी हैं पेरशान, तो जरूर पढें यह ख़बर

कम उम्र में बालो के सफ़ेद होने से अगर आप भी हैं पेरशान, तो जरूर पढें यह ख़बर

कम उम्र में बालो के सफ़ेद होने से अगर आप भी हैं पेरशान, तो जरूर पढें यह ख़बर

If you are suffering from grey hair at very early age, then this news is definitely for you

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हमारे देश में लोग अपने बाल और उसके रंग से बहुत प्यार करते हैं. इसी वजह से लोग इसे अपनी किसी संपत्ति से कम नहीं तौलते हैं. इसलिए जब भी बाल सम्बंधित कोई भी पेरशानी आती है तो लोग उसके इलाज के लिए जी जान लगा देते हैं. महंगे डॉक्टर्स को दिखाने से लेकर महंगी शैम्पू, दवाई इत्यादि जैसी चीज़ो का प्रयोग करते हैं. लेकिन फिर भी कुछ नहीं होता. इसलिए सबसे पहले तो यह जानें कि कैसे हमारे बालों को उनका सही रंग कहा से मिलता है. दरअसल, बालों का काला रंग मेलानिन पिगमेंट की वजह से होता है. यह पिगमेंट बालों के फोल्लिकल्स में पाया जाता है. बालों की जड़ों के पास के ऊतकों और कोशिकाओं के नीचे यह पिगमेंट पाया जाता है. जिसके कम होने पर बाल सफेद होने लगते हैं.

वैसे तो बालों के सफेद होने को जेनेटिक्स से भी जोड़कर देखा जाता है लेकिन कई बार यह एक मेडिकल बीमारी भी हो सकती है जिसके इलाज की भी जरूरत हो सकती है. वही कम उम्र में बाल सफेद होने का कारण आनुवांशिकी कही माना जाता है. जैसे आपके जीन्स मेलानिन का उत्पादन करने वाली कोशिकाओं में विकृति उत्पन्न कर सकती है या फिर कम उम्र में ही मेलानिन के उत्पादन को बंद कर सकती है. सेंटर फॉर डर्मिटोलॉजी, कॉस्मेटिक ऐंड लेजर सर्जरी के डायरेक्टर डेविड बैंक का कहना है कि, अगर किसी के पैरेंट्स और ग्रैंडपैरेंट्स के बाल कम उम्र में ही सफेद हुए हैं तो फिर संभव है कि आपके साथ भी ऐसा ही हो.

इंडियन जरनल ऑफ डर्मेटोलॉजी में 2016 में छपे शोध के मुताबिक़ भारत में लोगो के बाल सफ़ेद होने की उम्र 20 मानी गयी है, डॉक्टरी भाषा में समझे तो यह एक बीमारी है जिसे केनाइटिस कहते हैं. अगर आपके भी बाल कम उम्र में सफ़ेद हो रहे हैं तो आप जाकर किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाइए कि कही आपको थॉयराइड डिसऑर्डर विटिलिगो तो नहीं है जो त्वचा और बालों को सफेद बना देता है या फिर आपको अनीमिया तो नहीं है. थॉयराइड डिसऑर्डर्स अगस्त 2013 के मुताबिक, दवाइयों के साइड इफेक्ट या अर्ली एजिंग सिंड्रोम की वजह से भी बाल सफेद हो सकते हैं.

वही विटामिन बी 12, कॉपर और पोषक तत्वों की कमी से भी असमय बाल सफेद होने लगते हैं.साथ ही धूम्रपान करने से, ज्यादा तनाव में रहने से भी बाल सफ़ेद होने लगते हैं. वही अगर एक बार बाल सफ़ेद होने लगा तो उसे रूकना इतना आसान नहीं होता, इसलिए ऐसे में अपने खाने में हेल्थी फ़ूड लें और अपनी डाइट को मेन्टेन किये रहें और अपने बालों में किसी तरह का केमिकल ना लगाएं. इससे बालों के सफ़ेद होने के चांसेस कम हो जाते हैं.

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