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योगी राज में कानपुर नर्वल तहसील के टौस गांव में तैयार हो रहा है मौत का अस्पताल

योगी राज में कानपुर नर्वल तहसील के टौस गांव में तैयार हो रहा है मौत का अस्पताल

योगी राज में कानपुर नर्वल तहसील के टौस गांव में तैयार हो रहा है मौत का अस्पताल

Video- पेटी ठेकेदार नरेंद्र मिश्रा

In Yogi Govt, the hospital of death is being prepared in Taus village of Kanpur Narwal Tehsil.

   

कानपुर नर्वल तहसील में पड़ने वाले गांव टौस में जनता के लिए 40 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है जो लगभग 10 हजार वर्ग मीटर में फैला हुआ है। इस स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण कराने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा लगभग साढ़े 6 करोड़ रुपये से कराया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण का ठेका अंशुल कांस्ट्रक्शन के योगेन्द्र सिंह सेंगर को मिला है। योगेन्द्र सिंह सेंगर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के लिए पेटी ठेकेदार नरेंद्र मिश्रा को दिया।

नरेंद्र मिश्रा ने समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन जेई महेश मिश्रा की देखरेख में उनके कंथानुसार निर्माण कार्य चालू कर दिया पेटी ठेकेदार नरेंद्र मिश्रा ने स्वास्थ्य निर्माण की पोल खोलते हुए बताया कि निर्माणधींन स्वास्थ केंद्र की नींव महज डेढ़ फीट ही रखी गई है जब कि मानक के अनुसार डेढ़ मीटर होनी चाहिए स्वास्थ्य केंद्र का लेंटर स्लैब मात्र 3 इंच का डाला गया जबकि मानक के अनुसार 5 इंच का होना चाहिए। लेंटर में 12 दण्ड की सरिया का इस्तेमाल होना चाहिए वह पर 8 दण्ड की सरिया का इस्तेमाल किया गया।

पेटी ठेकेदार नरेंद्र मिश्रा का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र की ईंट की जुड़ाई के लिए डस्ट और रेत का इस्तेमाल किया गया है। सीमेंट का इस्तेमाल महज नाम मात्र का किया गया है, वही ईंट की जुडाई के मौरंग व ईंट का प्रयोग होना था, वो भी थर्ड क़्वालिटी का प्रयोग हुआ है। स्वास्थ्य केंद्र में बीम को बीम से और पिलर को पिलर जोड़ने की बजाए दिवारो में रख दिया गया है। दीवारों में प्लास्टर किए जाने के लिए जिस अनुपात में 3 ग्रेड सीमेंट का प्रयोग किया जा रहा है, उस सीमेंट में रोडिया जम चुकी है। पिलर में 16 दण्ड की की सरिया के बजाए 12 दण्ड की सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्टोरी बिल्डिंग में पड़े लेंटर में सबसे ज्यादा डस्ट का इस्तेमाल किया गया है। मौरंग का इस्तेमाल सिर्फ नाम मात्र का किया गया है।

पेटी ठेकेदार नरेंद्र मिश्रा ने समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन जेई महेश मिश्रा के निर्देशों पर स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ किया और लगभग 70 लाख रुपये का निर्माण कार्य जेई महेश मिश्रा के अनुरूप किया, लेकिन जब पेटी ठेकेदार ने जेई महेश मिश्रा से पूरी साइट का लेआउट मांगा तो काफी समय तक ले आउट प्लान नही दिया और अपनी उपस्थिति में में मनमर्जी से निर्माण कराता रहा। कुछ दिन बीतने के बाद पुनः ही पेटी ठेकेदार महेश मिश्रा से ले आउट प्लान दिखाने के लिए कहा लेकिन जेई ने ले आउट प्लान नही दिखाया, नरेन्द्र मिश्रा ने काम बंद कर दिया।

नरेंद्र मिश्रा ने अंशुल कंट्रक्शन के मालिक योगेन्द्र सिंह सेंगर के पास जाकर ले आउट प्लान प्लान चुपके से उठा कर देखा तो पैरो तले जमीन खिसक गई क्योंकि अब तक जो काम जेई महेश मिश्रा ने उपस्थित में कराया वह लेआउट प्लान के बिल्कुल विपरीत था। पेटी ठेकेदार नरेंद्र मिश्रा ने काम बंद करवा दिया। जेई महेश मिश्रा ने दूसरे ठेकेदार को काम देकर फिर से चालू करवा दिया। पेटी ठेकेदार नरेंद्र मिश्रा ने इस विभाग के उच्च अधिकारिओ को भी जानकारी दी, लेकिन जांच न कर के पार्टी से मोटी रकम लेकर पल्ला झाड़ लिया और काम चालू करवा दिया। जब जांचकर्ता अधिकारी ही मौत का अस्पताल बनाने में सहयोग करे तो आम जनता क्या कर सकती है?

Reported by- Sandeep Kumar (Fatehpur/Unnao/Kanpur)

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