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हिंदी के बिना बेहतर समाज की कल्पना व्यर्थ है : डा. नज़र

हिंदी के बिना बेहतर समाज की कल्पना व्यर्थ है : डा. नज़र

हिंदी के बिना बेहतर समाज की कल्पना व्यर्थ है : डा. नज़र

The imagination of a better society without Hindi is meaningless: Dr. Nazar

लखीमपुरखीरी। खीरी टाउन हिंदी से एक बेहतर समाज का निर्माण होता है अगर हिंदी पढ़ने वाले और पढ़ाने वालो के दिल में ये बात बैठ जाए तो बेशक हिंदी का मुकाम कैरियर के बहुत आगे नजर आएगा ये बात खीरी टाउन में फातिमा फाउंडेशन ऑफ एजुकेशन में आयोजित हिंदी दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डा नजर अंसारी ने कहीं। आज हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर फातिमा फाउंडेशन में एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया , कार्यक्रम की अध्यक्षता इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डा नजर अंसारी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। अपने अध्यक्षीय भाषण में डा अंसारी ने समस्त देश वासियों को हिंदी दिवस की मुबारकबाद देते हुए कहा कि हिंदुस्तान में हिंदी दिवस मनाने की जरूरत दुर्भाग्य पूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिंदी पढ़ने वालो और पढ़ाने वालों को ये समझ आ जाए कि वह हिंदी क्यू पढ़ते है या क्यू पढ़ाते है तो बेशक एक बेहतर समाज का निर्माण हो सकता है। विज्ञान पढ़ाकर हम एक इंजीनियर तो बना देते है वह जंगल व पहाड़ काटकर रास्ता निकाल देता है अगर हम पंत जी का नेचर प्रेम भी उतार पाए होते तो पर्यावरण भी सुंदर रख पाते । मैथ्स पढ़ाकर हम एक बहुत अच्छा इंस्पेक्टर या मैनेजर बना देते है अगर नमक का दारोगा भी उतार पाए होते तो बेहतर इंस्पेक्टर के साथ ईमानदार इंस्पेक्टर भी समाज को दे पाते।

आगे उन्होंने हिंदी अध्यापकों से निवेदन करते हुए कहा कि हिंदी का लक्ष्य जरूर तय करें कि हम हिंदी क्यू पढ़ाते है जब तक लक्ष्य तय नहीं होगा तब तक बेहतर समाज नहीं खड़ा हो सकता। कार्यक्रम में कई हिंदी प्रेमियों ने अपने विचार रखे आर्य कन्या महाविद्यालय कीएम ए हिंदी की छात्रा प्रिया ने स्वरचित कविता पाठ कर मन मोह लिया सोनू सिंह व शर्मिला ने भी स्वरचित कविता प्रस्तुत की कई छात्राओं ने हिंदी की जरूरत व महत्ता पर विधिवत् प्रकाश डाला। कई सम्मानित नागरिकों के अलावा पत्रकार भी मौजूद रहे। देश की खुशहाली की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Reported By- Kursheed Alam

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