Saturday, February 24, 2024
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वाराणसी के शहंशाहपुर गांव में मोदी ने शौचालय की रखी नींव…

SI News Today

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहंशाहपुर गांव में अपने हाथों से पहली बार शौचालय की नींव रखी। मोदी ने कहा, ”यूनिसेफ की रिपोर्ट बताती है कि अगर घर में टॉयलेट है तो बीमारी पर खर्च होने वाला सालाना 50 हजार रुपए बच जाता है। मुझे यहां एक गांव के लोगों ने कहा है कि 2 अक्टूबर के बाद कोई भी शख्स बाहर शौच के लिए नहीं जाएगा। आज मैं जिस गांव में गया, वहां शौचालय में लिखा हुआ है- इज्जत घर। ये हमारी महिलाओं की इज्जत के लिए ही है। जो महिलाओं की इज्जत चाहेगा, वो शौचालय जरूर बनाएगा।”

सोचा नहीं था मोदी दरवाजे आएंगे- मुसहर बस्ती का मजदूर बोला
– शहंशाहपुर की मुसहर बस्ती में मोदी ने मजदूर अरविंद के घर के बाहर शौचालय की नींव रखी।
– अरविंद ने DainikBhaskar.Com को 20 सितंबर को बताया था, “दो दिन पहले कुछ लोग आए, उन्होंने मेरी झोपड़ी देखकर पूछा- टॉयलेट को बाहर जाते हो क्या? मैंने कहा- हां। उन्होंने मुझे बताया कि 23 सितम्बर को खुद पीएम यहां आएंगे और फावड़ा चलाएंगे।’
– अरविंद ने कहा, “2013 में मेरी शादी हुई है। डेढ़ साल की बेटी है। मेरी टूटी हुई झोपड़ी थी, जिसे अधिकारियों के कहने पर मैंने और पत्नी कांति ने लोगों की मदद से हटा दिया। पता चला है कि टॉयलेट के साथ सरकार हमें कमरा भी बनवाकर देगी। कई जन्मों के लिए भी नहीं सोचा था कि पीएम मेरे दरवाजे आएंगे और मुझे ऐसा तोहफा देंगे।’

शुक्रवार को किया ट्रेड फैसिलिटी सेंटर का इनॉगरेशन
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने ट्रेड फैसिलिटी सेंटर का इनॉगरेशन किया। मोदी ने 7 नवंबर 2014 को दीनदयाल हस्तकला संकुल नाम के इस सेंटर की नींव रखी थी। मोदी ने अपनी स्पीच में कहा, “हम जिन योजनाओं का शिलान्यास करते हैं, उनका उद्घाटन भी करते हैं।” बता दें कि ये ट्रेड फैसिलिटी सेंटर 305 करोड़ की लागत से 43,445 स्क्वॉयर मीटर में बनाया गया है। इससे वाराणसी और उसके आसपास के जिलों से जुड़े करीब 60 हजार बुनकर परिवारों को इसका फायदा मिलेगा।

1000 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास
– मोदी ने अपनी स्पीच में कहा था, “आज एक ही कार्यक्रम में एक ही मंच से एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की योजनाओं का शिलान्यास होने जा रहा है। यूपी सरकार को भी इसका श्रेय जाता है। राज्य सरकार भी अभिनंदन की अधिकारी है। जिस योजना का लोकार्पण हो रहा है मैं नहीं मानता कि पिछले कई दशकों में इतने बड़ी कोई योजना साकार हुई हो। जिस योजना का शिलान्यास हम करते हैं उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं। वरना योजनाएं लटकती रहती हैं। दो पुलों का शिलान्यस हुआ था कई साल पहले, लेकिन सपना साकार योगी जी ने किया।”

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