Could create table version :No database selected नितिन गडकरी बोले- सरकार पाकिस्तान में बहने वाली नदियों के पानी का इस्तेमाल करेगी... - SI News Today
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नितिन गडकरी बोले- सरकार पाकिस्तान में बहने वाली नदियों के पानी का इस्तेमाल करेगी…

नितिन गडकरी बोले- सरकार पाकिस्तान में बहने वाली नदियों के पानी का इस्तेमाल करेगी…

नितिन गडकरी बोले- सरकार पाकिस्तान में बहने वाली नदियों के पानी का इस्तेमाल करेगी…

केंद्र सरकार ने पाकिस्तान की तरफ बहने वाली नदियों के जल का इस्तेमाल कर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के पानी की समस्या का समाधान करने का निर्णय किया है. केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार ने एक नयी योजना शुरू की है जहां पानी नहर के बजाए पाइप प्रणाली का इस्तेमाल कर किसानों तक पहुंचेगा जिससे6000 करोड़ रुपये तक के भूमि अधिग्रहण की कीमत से बचा जा सकेगा. गडकरी ने ये टिप्पणियां भारतीय उद्योग परिसंघ( सीआईआई) को संबोधित करते हुए कीं.

गोदावरी मामले का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार आंध्रप्रदेश के पोलावरम में 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से बांध बनवा रही है ताकि इरावती नदी के बहाव को रोका जा सके. यह गोदावरी की उपनदी है और घने जंगलों से होकर बहती है. गडकरी ने कहा कि सरकार कर्नाटक के करवार पत्तन को भी विकसित करने की इच्छुक है और अगर सरकार से समझौता होता है तो परियोजना के लिए तीन हजार करोड़ रुपये खर्च करना चाहती है.

आपको बता दें कि 21 मार्च को नितिन गडकरी ने पणजी में लॉजिस्टिक्स की लागत में कटौती करने के लिए देश के जलमार्गों में सुधार पर जोर देते हुए कहा था कि यह अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करेगा. यह बात गडकरी ने अपने सुंदर तटों के लिए मशहूर तटीय राज्य के उत्तरी और दक्षिणी जिलों को जोड़ने वाली वास्को एवं ओल्ड गोवा के बीच नौका सेवा की शुरूआत के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कही. केन्द्रीय नौवहन मंत्री ने कहा, ‘‘ हमारे देश की तटरेखा 7500 किलोमीटर लंबी है जो राष्ट्र के विकास में मदद कर सकती है और पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकती है. ’’

गडकरी ने कहा, ‘‘ आपने देखा कि तटरेखा गोवा के पर्यटन के लिए एक वरदान रही है और पर्यटन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि 49 प्रतिशत पूंजीगत निवेश का उपयोग रोजगार सृजन में होता है. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री हूं और अगर कोई सड़क मार्ग से सफर करना चाहता है तो उसकी लागत1.5 रूपये( प्रति किलोमीटर), रेलमार्ग से 1.00 रूपये( प्रति किलोमीटर) और जलमार्ग से 20 पैसे( प्रति किलोमीटर) है. ’’ केन्द्रीय नौवहन मंत्री ने कहा, ‘‘ लॉजिस्टिक्स लागत में कटौती के लिए हमें जल परिवहन पर जोर देना होगा.

इसलिए, माल और यात्री यातायात के लिए एक गलियारे के रूप में 7500 किलोमीटर लंबी तटरेखा का विकास हमारी अर्थव्यवस्था को बढ़ाएगा. गडकरी ने कहा कि मोरमुगाव पोर्ट ट्रस्ट( एमपीटी) में जारी घाटे के चलते इसे बंद भी किया जा सकता है. विरोध के चलते वास्को शहर में स्थित एमपीटी संकट से घिरता जा रही है और लौह अयस्क के उत्खनन पर लगे प्रतिबंध से अयस्क की ढुलाई भी प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा, ‘‘ पोर्ट इस साल घाटे में गया है. मौजूदा वित्तवर्ष में 25 करोड़ रूपये का घाटा है. अब आपको फैसला करना है कि पोर्ट चलाना है या नहीं.

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