Wednesday, July 24, 2024
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मनी लॉन्ड्रिंग: मीट कारोबारी मोईन हुए गिरफ्तार…

SI News Today

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने मीट कारोबारी मोईन कुरैशी को पूछताछ के बाद शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी ने कुरैशी को मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ के लिए ऑफिस बुलाया था। कुरैशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के दो केस दर्ज हैं। उनके खिलाफ 2016 में दर्ज हुई एफआईआर में पूर्व सीबीआई डायरेक्टर एपी सिंह का भी नाम शामिल है। दोनों के बीच बातचीत के सबूत मिले हैं। आरोप है कि कुरैशी ने सरकार के बड़े अफसरों के नाम पर जांच में फंसे लोगों से करोड़ों की रकम वसूली और हवाला के जरिए इसे विदेश भेज दिया। जांच एजेंसी ने क्या कहा…

– ईडी ने बताया, ”कुरैशी ने सरकार के कई बड़े अफसरों की पहुंच का फायदा उठाया और बड़ी रकम गैरकानूनी तरीके से लेनदेन की गई। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के जरिए जुटाए ब्लैकबेरी मेसैंजर (BBM) कब्जे में लिए हैं। इनसे पता चला है कि कुरैशी ने बड़े अफसरों से फेवर कराने का भरोसा देकर लोगों से रकम वसूली। इसमें कई लोग ऐसे थे जिनके खिलाफ सरकारी जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही थीं।”

– ”कुरैशी ने अपने गुर्गों के जरिए अफसरों के नाम पर लोगों से बड़ी रकम ली। मैसेंजर से खुलासा हुआ है कि कुरैशी ने घूस की रकम हवाला के जरिए पेरिस और यूके से मंगवाई थी। हवाला केस में नाम आने पर हैदराबाद के एक बिजनेसमैन से मदद के नाम पर करोड़ों रुपए वसूल किए। ये रकम पहले दुबई फिर पेरिस, लंदन, अमेरिका, इटली और स्विटजरलैंड भेजी गई।”

– ”कुरैशी और पूर्व सीबीआई चीफ एपी सिंह के बीच हुई बातचीत के भी सबूत मिले हैं। सीबीआई और ईडी इस केस की अलग से जांच कर रही है। मीट कारोबारी के खिलाफ आईटी और सीबीआई भी मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी, करप्शन समेत अन्य मामलों में जांच कर रही हैं। आईटी ने फरवरी 2014 में कुरैशी के ठिकानों पर पहली बार छापेमारी की थी।”

कौन है मोईन कुरैशी?
– यूपी के रामपुर से मीट कारोबार की शुरूआत करने वाले मोईन की गिनती नामी मीट एक्सपोर्टर्स में होती है।

– उसके कई हाई प्रोफाइल लोगों से रिश्ते बताए जाते हैं। पूर्व CBI चीफ रंजीत सिन्हा के घर की विजिटिंग डायरी में 90 से ज्यादा बार कुरैशी का नाम था।

– सुनंदा पुष्कर मर्डर केस की जांच में सामने आया था कि 2013 में ब्लैकबेरी मैसेज के जरिए दोनों की बात हुई थी। सुनंदा ने कुरैशी को डिनर पर बुलाया था।

क्या है मामला?
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 2015 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की शिकायत पर ईडी ने कुरैशी के खिलाफ PMLA के तहत केस दर्ज किया था। आईटी की जांच में सामने आया कि कुरैशी के पास 11 बैंक लॉकर ऐसे थे, जो उनकी कंपनी एएमक्यू ग्रुप के कर्मचारियों और सहयोगियों के नाम थे।

– जांच एजेंसियों का दावा है कि बैंक लॉकर्स में 11.26 करोड़ रुपए कैश और 8.35 करोड़ कीमत की ज्वैलरी मिली। ईडी लंबे समय से कुरैशी से पूछताछ करना चाह रही थी और उन्हें नोटिस भी भेजा गया था। इसके बाद भी वो पूछताछ से बचते रहे।

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