Saturday, May 25, 2024
featuredउत्तर प्रदेशलखनऊ

यूपी: चार सालों में डेढ़ लाख से ज्यादा सड़क हादसे

SI News Today

लखनऊ. यूपी समेत देश भर में रोड एक्सीडेंट को रोकने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही है। सरकार की तमाम कोशिशों बाद भी सड़क हादसे रुकने के नाम नहीं ले रहें है। यूपी सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2013-17 के बीच सड़क हादसों में 73,792 लोगों की मौत हो चुकी है।
सरकार ने कैसे दिया आंकड़ा

-दरअसल बसपा विधायक सुखदेव राजभर ने बजट सत्र के दौरान सड़क हादसों में होने वाली मौत को लेकर सरकार से सवाल पूछा था। आखिर सरकार हादसों को रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है ।
साल दर साल बढ़ी हादसों की संख्या

साल    हादसों की संख्या    मृतकों की संख्या    मरने वालों की संख्या
2013    30615    16004    23024
2014    31034    16287    22337
2015    32385    17666    23205
2016    35612    19320    25096
2017    8577    4695    4695
सरकार ने सदन में दिया जवाब

-सरकार ने सदन को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी कमेटी ऑन रोड सेफ्टी समय-समय पर प्रदेश के अलग-अलग मार्गों पर दुर्घटनाओं की समीक्षा की जा रही है।

-इसी को लेकर 6 जुलाई को परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में पुलिस विभाग, आबकारी विभाग, मनोरंजन विभाग, लोक निर्माण विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, स्थानीय निकाय निदेशालय एवं बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक, यूपी के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी थी।

– सरकार ने सदन को बताया कि ट्रैफिक को और ज्यादा बेहतर करने के लिए प्रदेश के 12 बड़े शहरों में एकीकृत यातायात प्रबन्धन प्रणाली लागू करने की कार्यवाही जारी है।

– 12 बड़े शहरों में आगरा, गाजियाबाद, लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, इलाहाबाद, गोरखपुर, मेरठ, वाराणसी, अलीगढ़, कानपुर नगर, बरेली तथा मुरादाबाद का नाम शामिल है।

– इस योजना के तहत ट्रैफिक सिग्नल को तैयार करने, संचालन एवं अनुरक्षण, सभी चौराहों पर रोड फर्नीचर की व्यवस्था, चौराहों की इंंजीनियरिंग में सुधार, ट्रैफिक चौराहों पर नियामक, चेतावनी, ट्रैफिक सिंग्नल, रोड मार्किंग लगाया जाना शामिल है।

– इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस के लिए कैमरा ,ई- चालान की व्यवस्था के साथ साथ ट्रैफिक नियमों का प्रचार-प्रसार किया जाना प्रस्तावित है ।

-इसके अलावा प्रदेश के 12 जिलों में स्मार्ट सिटी सर्विलांस सिस्टम परियोजना लागू किये जाने की प्रक्रिया चल रही है । इस योजना के अन्‍तर्गत जन-सामान्य की सुरक्षा के मकसद से सभी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों तथा महत्वपूर्ण प्रवेश एवं निकास मार्गों पर सर्विंलांस कैमरों की स्थापना की जायेगी।
ये हो रही है कार्रवाई

– मोटरयान अधिनियम के मुताबिक, नहीं चल रहे गाड़ियों की नियमित तौर पर चेकिंग और चालान की कार्रवाई ट्रैफिक नियमों को ध्यान देकर जिले स्तर पर की जाती है।

– जिले के अलग-अलग रास्तों पर हुई सड़क दुर्घनाओं से सम्बन्धित आंकड़ों की समीक्षा कर ब्लैक स्पाट्स की मार्किंग की जाती है। मॉर्किंग के बाद उन ब्लैक स्पॉट्स के बारे में संबंधित विभागों को जानकारी देकर सड़क की कमियों को ठीक कराया जाता है। पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, नगर निगम और पीडब्लयूडी के बीच कोऑर्डिनेशन बढ़ाए जाने के दिशा में काम हो रहा है

-अतिक्रमण के खिलाफ भी जिले में समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। इसके साथ ही पार्किंग स्थलों की मॉर्किंग कर ट्रैफिक को मैनेज करने कीॉ कार्यवाही की जा रही है।
परिवहन निगम का पक्ष

-परिवहन निगम के पीआरओ अनवर अंजार ने बताया कि सड़क हादसों को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए है। ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात करने और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर एक हजार का जुर्माना है।

– बसों में ओवरलोडिंग पर रोक, पैसेंजर से गलत व्यवहार और शिकायत करने के लिए व्हाट्स एप्प नंबर जारी किया गया है। समय समय रोडवेज बसों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि सड़क हादसों की घटनाओं में कमी आई है

SI News Today

Leave a Reply