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गोण्डा का खनन माफिया अब बना खाद्यान्न माफिया

गोण्डा का खनन माफिया अब बना खाद्यान्न माफिया

गोण्डा का खनन माफिया अब बना खाद्यान्न माफिया

Gonda mining mafia now made up of food grain mafia.

        

गोण्डा जिला उत्तर प्रदेश में केवल अपने पौराणिकता प्रसिद्धि की वजह से ही नही वर्तमान में हो रहे अपराध और खुले में निश्चिंत घूम रहे माफिया और अपराधियों के लिए भी जाना जाने लगा है। इतिहासकारों और पौराणिक लोकोक्तियों की मानें तो राजा दशरथ के गौशालाओं वाली यह भूमि अब वर्तमान में अपराधियों,खनन माफियाओं और खाद्यान्न माफ़ियाओं से पटी पड़ी है। गोण्डा जिला राजनीति का एक बड़ा केंद्र माना जाता है और पूरे प्रदेश की तरह यहां भी राजनीति रासूखदारों और माफ़ियाओं के ही पकड़ में है। यहां पर अपराधियों के खुले घूमने में जितना सहयोग यहां के नेताओं का है उतना ही सहयोग प्रशासन में बैठे इन माफ़ियाओं के हिमायती अधिकारियों और करीबियों का है। ऐसा ही एक माफिया तरबगंज तहसील के चकरसूल गांव का निवासी हाफिज अली उर्फ लल्लन उर्फ डॉक्टर है।

समाजवादी सरकार के कार्यकाल में अवैध बालू खनन में उत्तर प्रदेश में गायत्री प्रजापति के बाद अगर किसी ने नाम कमाया तो वो है हाफिज़ अली। समाजवादी सरकार के नेताओं के साथ ही भाजपा के बड़े नेता भी आज इसके संपर्क में है और कई तो इसके साथ इसके सहयोगी बन कर आज भी बालू और मौरंग की खदानों में अच्छा पैसा बना रहे हैं। हाफिज अली पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देश पर तत्कालीन जिलाधिकारी अशुतोष निरंजन ने 17 नवम्बर 2016 को नवाबगंज थाने में F.I.R करवा कर गैंगेस्टर में तामील कर उसकी चल अचल संपत्ति को कुर्क करने का निर्देश दिया था, जिसकी F.I.R संख्या 0624/ 2017 है। लेकिन उसके बावजूद भी वर्तमान में गोण्डा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती और फैज़ाबाद तथा अन्य कई जिलों में दुसरो के नाम पर कराये गए पट्टे पर हाफ़िज़ अली द्वारा बालू खनन करवाया जाता रहा है। बालू खनन में अकूत संपत्ति बटोरने वाले इस माफिया ने स्कूल, कॉलेजों के साथ-साथ जिले में कई हॉस्टल व बड़ी इमारतों का निर्माण दूसरों के नाम पर करवा रखा है। अवैध खनन से अकूत संपत्ति बनाने के बाद अब इस माफिया ने गोण्डा जिले में खाद्यान्न की कालाबाज़ारी में भी हाथ आजमाया है।

सूत्रों की मानें तो यह अपने क्षेत्र व जिले के कोटेदारों को धन की आपूर्ति करवाकर उनके साथ मिलकर खाद्यान्न की कालाबाजारी करता है।अभी हाल ही में गोण्डा जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा खाद्यान्न घोटाले में बड़ी कार्यवाही की गई है। जिसमे गोण्डा जिलाधिकारी समेत खाद्यापूर्ती विभाग के कई बड़े अधिकारियों को निलंबित किया गया है। उसी प्रकरण में जांचोपरांत इस खनन माफिया का नाम अब खाद्यान्न माफिया के रूप में भी दर्ज हो गया है। गोण्डा के वर्तमान जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने 12 लोगों के नाम की एक सूची जारी की है। जिसमे खनन माफिया हाफिज़ अली निवासी नवाबगंज जिला गोण्डा भी दर्ज हैं। गोण्डा जिलाधिकारी ने जिले के सभी उपजिलाधिकारियों समेत संबंधित विभागों से, इन माफ़ियाओं के आर्थिक पृष्ठभूमि के परीक्षण की मांग के साथ-साथ पिछले 20 साल पूर्व इनकी संपत्ति के विवरण, इनके परिवाजनो का विवरण और वर्तमान में इनके आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी की मांग की है तथा जिलाधिकारी ने यह आदेशित किया है कि इनके स्वयं तथा परिवारजनों के नाम दर्ज परिसंपत्तियों का विवरण, नकल, खतौनी तथा गांव, शहर और महानगरों में भी इनके या इनके परिवारजनों द्वारा निर्मित भवन या किसी भी प्रकार की संपत्तियों का सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी प्रभांशु श्रीवास्तव द्वारा इन माफियाओं के खिलाफ यह एक बहुत बड़ा कदम साबित हो सकता है, लेकिन ऊंचे रसूख वाले हाफिज़ अली जैसे माफ़ियाओं जो कानून को पैसे के आगे बौना समझते हैं व स्वतंत्र रूप से पूरे प्रदेश में अपनी साख दिखाते फिरते हैं, ऐसे माफ़ियाओं को सलाखों के पीछे लाना बिल्कुल भी आसान नहीं होगा। लेकिन भाजपा सरकार को 2019 के चुनाव को मद्देनजर रखते हुए पूरे उत्तर प्रदेश को ऐसे खनन माफिया से खाद्यान्न माफिया बने हाफिज़ अली जैसे माफ़ियाओं से निजात दिलाना होगा।

SI न्यूज़ टुडे की पहल से मऊ में भी खाद्यान्न घोटाले का मामला उजागर किया गया है मगर न जाने क्यूँ प्रशासन अभी तक चुप्पी साधे है।

 

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@Pushpen40953031

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