ताज़ा खबर:-

आजाद हिन्द फौज की जासूस नीरा आर्या की आत्मकथा का एक अंश

‘‘मैं जब कोलकाता जेल में थी, तो हमारे रहने का स्थान वे ही कोठरियाँ थीं, जिनमें अन्य महिला राजनैतिक अपराधी रही थी अथवा रहती थी। हमें रात के 10 बजे कोठरियों में बंद कर दिया गया और चटाई, कंबल आदि का नाम भी नहीं सुनाई पड़ा। मन में चिंता होती थी कि क्या इसी प्रकार
Complete Reading

Create Account



Log In Your Account