Sunday, April 14, 2024
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सुप्रीम कोर्ट ने धीरूभाई अंबानी को पद्म विभूषण दिए जाने को ठहराया सही

SI News Today

सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस समूह के फाउंडर धीरूभाई अंबानी को पद्म विभूषण दिए जाने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि उनको वह सम्मान मिलना ही चाहिए था। पद्म विभूषण भारत में मिलने वाला दूसरे नंबर का सबसे बड़ा पुरस्कार है। अंबानी को उनके मरणोपरांत पिछले साल पद्म विभूषण दिया गया था। धीरूभाई का वह सम्मान उनकी पत्नी कोकीलाबेन को राष्ट्रपति भवन में दिया गया था। कोकीलाबेन के साथ उस वक्त उनके दोनों बेटे अनिल और मुकेश भी पहुंचे थे। एक जज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी कि अंबानी से वह सम्मान वापस लिया जाना चाहिए। उसपर कोर्ट ने कहा, ‘उनके वक्त में धीरूभाई अंबानी देश के सबसे बड़े उद्योगपति थे, तुम यह तय नहीं कर सकते कि किसको पद्म विभूषण दिया जाना चाहिए, या फिर नहीं, अगर कल तुमको वह पुरस्कार दे दिया जाए तो हम सवाल नहीं पूछ सकते।’

यह याचिका पीसी श्रीवास्तव नाम के वकील ने डाली थी। श्रीवास्तव ने कहा था कि अंबानी जिनका 2002 में निधन हुआ था उन्होंने अपने जीवन काल में कोई असाधारण और विशिष्ट सेवा प्रदान नहीं की थी।

धीरूभाई अंबानी का जीवन फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी है। कभी पेट्रोल पंप पर काम करने वाले धीरूभाई ने बाद में पालिस्‍टर के कारोबार में हाथ आजमाए। धीरे-धीरे उन्‍होंने अपना कारोबार बढ़ाया और रिलायंस इंडस्‍ट्रीज की स्‍थापना के साथ भारत में एक नए कारोबारी समूह का गठन किया। अपने दिमाग और अनूठी व्‍यवसायिक तकनीकों की बदौलत जल्‍द ही धीरूभाई ने रिलायंस को देश की सबसे बड़ी कंपनियों के बीच लाकर खड़ा कर दिया। हालांकि लाइसेंस राज के दौरान रिलायंस की दमनकारी कार्यशैली और अंबानी के देश के बड़े नेताओं से करीबी रिश्‍ते होने के आरोपों ने धीरूभाई को टाटा जैसा भरोसा तो नहीं दिया, मगर उन्‍होंने बाजार में अपना अलग मुकाम जरूर बना लिया।

बता दें, कि 2005 में रिलायंस ग्रुप दो हिस्सों में बंट गया था। इसका एक हिस्सा अनिल और दूसरा मुकेश अंबानी के पास है। हालांकि, कुछ प्रोजेक्ट्स पर अभी भी दोनों साथ मिलकर काम करते हैं। मुकेश अंबानी हाल में रिलायंस जियो के लिए चर्चा में रहे। उससे पहले उनका घर एंटीला भी काफी सुर्खियां बटोर चुका है।

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