Friday, February 23, 2024
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लालू ने बेटों को बनाया अपना राजनैतिक उत्‍तराधिकारी, बेटी मीसा को किया दरकिनार

SI News Today

साल 1997 में रसोईघर संभालने वाली पत्नी रावड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने वाले राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने बुधवार (3 मई, 2017) को अपने उत्तराधिकारी की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि उनके बाद आरजेडी की कमान उनके दोनों बेटे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव संभालेंगे। हालांकि लालू यादव के इस फैसले से एक या दो नहीं बल्की तीन समास्या पैदा होती हुई नजर आ रही है। क्योंकि पार्टी उत्तराधिकारी चुने गए दोनों बेटों ने साथ में बहुत कम समय बिताया है। बचपन से लेकर युवा अवस्था तक दोनों के रास्ते अलग रहे हैं। राजनीतिक रूप से भी नीतीश सरकार में मंत्री पद संभालने तक दोनों ने साथ में ज्यादा समय नहीं बिताया है। दूसरी तरफ लालू-राबड़ी की सबसे पसंदीदा बेटी मीसा हैं जिन्हें लालू यादव ने दरकिनार कर दिया है।

2019 की तैयारी में जुटे लालू ने राजगीर जिले में तीन दिन के लिए चल रहे कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा, ‘मेरे बाद तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव पार्टी की कमान संभालेंगे।’ हालांकि भारत में सिर्फ बेटे को ही राजनीतिक उत्तराधिकारी चुने जाना कोई नई बात नहीं है इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला खुद के बेटे के अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाते हुए कहा प्रेस वर्ता में कहा था, ‘अपने बेटे को ना बनाए थो तो क्या तुम्हारे बेटे को बनाए?’

इस समय लालू की राजद कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देने की कवायद में जुट गयी है जिसके तहत नालंदा जिले के राजगीर स्थित अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन हॉल में राजद का तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह प्रशिक्षण शिविर चार मई तक चलेगा। कार्यक्रम में राजद से सभी नेताओं के शामिल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण शिविर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर लालू यादव की एक रणनीति है। खबर के अनुसार प्रशिक्षण शिविर का एकमात्र मकसद आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर नई रणनीति अपनाना है। साथ ही, बिहार में चल रहे कथित मॉल और मिट्टी घोटाले पर विरोधियों को सही तरीके से जवाब देने को लेकर भी विचार-विमर्श किए जाने की खबर है।

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