Saturday, May 25, 2024
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सम्मान में नहीं खड़े हो पाए लोग जब लैंडिंग से ठीक पहले बजने लगा राष्ट्रगान

SI News Today

स्पाइसजेट की एक फ्लाइट में राष्ट्रगान बजने का मामला सामने आया है। दरअसल फ्लाइट लैंड होने वाली थी और उस समय अचानक से पीए सिस्टम से राष्ट्रगान बजना शुरू हो गया। इस दौरान सभी यात्री सीट बेल्ट से बंधे होने के कारण अपनी सीट पर बैठे रहे। यात्रियों के सामने यह संकट खड़ा हो गया कि वह राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े हो या फ्लाइट नियमों के कारण सीट ने उठे? इसे लेकर एक यात्री ने शिकायत दर्ज कराई है। यह वाक्या 18 अप्रैल को तिरुपति से हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट में हुआ। यात्री ने बताया कि लैंडिंग से पहले कैबिन क्रू द्वारा राष्ट्रगान बजाया गया। ऐसे में यात्री और केबिन क्रू खड़े होने और राष्ट्रगान को उचित सम्मान देने की स्थिति में नहीं थे।

फ्लाइट में सफर कर रहे पैसेंजर ने बताया कि हम सभी हैरान रह गए जब लैंडिंग से पहले राष्ट्रगान बजने लगा और यात्रियों को सीट पहने रखने के लिए पायलट के निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया गया। कथित तौर पर क्रैबिन क्रू के एक सदस्य ने राष्ट्रगान को बीच में ही बंद कर दिया। उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। पैसेंजर ने इस बारे में एयरलाइंस से शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के प्रति जिस तरह से उदासीनता दिखाई गई है, उससे उसे चोट पहुंची है।

वहीं, स्पाइसजेट की प्रवक्ता की ओर से कहा कि फ्लाइट में सवार एक क्रू ने प्ले लिस्ट में एक गलत नंबर सेलेक्ट कर दिया, जिससे कि राष्ट्रगान बजना शुरू हो गया। जैसे की इस बात की जानकारी हुई राष्ट्रगान को बंद कर दिया गया। हम यात्रियों को होने वाली परेशानियों के लिए खेद व्यक्त करते हैं।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 30 नवंबर को देश भर के सिनेमा हॉल को आदेश दिया था कि किसी फिल्म के प्रदर्शन से पहले अनिवार्य रूप से राष्ट्रगान बजाएं और उस समय दर्शकों को खड़े होकर राष्ट्रगान के प्रति सम्मान दर्शाना होगा। इसमें शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को छूट दी गई थी। थिएटर में राष्ट्रगान लागू करने को लेकर काफी विवाद खड़ा हुआ था। कुछ दिन पहले ही कोर्ट ने इस संबंध में सरकार से सवाल पूछा। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि अभी तक संसद ने राष्ट्रगान अपमान पर कुछ क्यों नहीं किया है। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा कि अगर राष्ट्रध्वज का अपना किया जाता है तो उसे अपराध घोषित कर दिया जाता है लेकिन कोई राष्ट्रगान का अपमान करे तो उसे अपराध की श्रेणी में रखने के लिए किसी प्रकार का नियम और कानून क्यों नहीं बनाया गया है।

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