Could create table version :No database selected योगी सरकार के मुंह पर कालिख पोतते मऊ खाद्यापूर्ती विभाग के भ्रष्ट कर्मचारी - SI News Today
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योगी सरकार के मुंह पर कालिख पोतते मऊ खाद्यापूर्ती विभाग के भ्रष्ट कर्मचारी

योगी सरकार के मुंह पर कालिख पोतते मऊ खाद्यापूर्ती विभाग के भ्रष्ट कर्मचारी

योगी सरकार के मुंह पर कालिख पोतते मऊ खाद्यापूर्ती विभाग के भ्रष्ट कर्मचारी

Yogi government’s corrupt workers in Food supply department in Mau.

               

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार खाद्यान्न संबंधित शिकायतों को लेकर बहुत सख्ती दिखाती नज़र तो आ रही है, लेकिन मऊ जिले में मुख्यमंत्री के सख्ती के बावजूद भी जिलापूर्ति कार्यालय में तैनात पूर्ति निरीक्षक हर्षिता राय एवँ लिपिक धीरज कुमार अग्रवाल तथा जिलापूर्ति अधिकारी के अंतर्गत काम करने वाले प्राइवेट कर्मचारी एवं चपरासी नारायण यादव के द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार में कोई भी कमी देखने को नही मिल रही है।

मऊ जिले में जिलापूर्ति कार्यालय में आये दिन शिकायकर्ताओं का हुजूम लगा रहता है, लेकिन जिलापूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी द्वारा शिकायकर्ताओं को धमकी देते हुए दुत्कार कर कार्यालय से बाहर फिकवां दिया जाता है और वे अपनी गुंडई व सरकार की नज़र से बचने के लिए अखबारों में अपने तारीफों के इश्तेहार निकाल कर खुद मुंह मियां मिट्ठू भी बन जाते हैं। सूत्रों की मानें तो मऊ जिलापूर्ति कार्यालय दबंगो और खाद्यान्न माफ़ियाओं का अड्डा बनता जा रहा है, जहां पर सारे भ्रष्ट कर्मचारी जिलापूर्ति अधिकारी के सरपरस्ती में खाद्यान्न चोरी का खेल रचते हैं। अभी हाल ही में मऊ जिले के परदहां वार्ड नं 6 से भाजपा टिकट पर चुने गए सभासद दिनेश कुमार सिंह द्वारा इस घोटाले सम्बंधित शिकायत मुख्यमंत्री व खाद्य एवं रसद मंत्री अतुल गर्ग समेत, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मऊ जिले के प्रभारी मंत्री समेत खाद्यान्न विभाग सम्बंधित कई अधिकारियों से की गई जिसमे अभी तक किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही सामने नही आई है।

इसी बीच मऊ जिले में एक नया मामला सामने आया जिसमे खाद्यापूर्ती विभाग के अधिकारियों द्वारा सस्ते गल्ले व राशन की दुकान चलाने वाले कोटेदार अनिल कुमार श्रीवास्तव को प्रताड़ित किया जा रहा है। हमारे द्वारा अनिल कुमार श्रीवास्तव से सम्पर्क करने पर पता चला कि उनके द्वारा उपायुक्त(खाद्य) आज़मगढ़ को शिकायत पत्र सौंपा गया है। जिसमे उन्होंने बताया है कि मऊ जिलापूर्ति विभाग में कार्यरत पूर्ति निरीक्षक हर्षिता राय एवँ लिपिक धीरज कुमार अग्रवाल तथा जिलापूर्ति अधिकारी के अंतर्गत काम करने वाले प्राइवेट कर्मचारी एवं चपरासी नारायण यादव, जिलापूर्ति अधिकारी के इशारों पर कोटेदारों से कमीशन की मांग करते हैं और यदि कमीशन ना दिया जाए तो बिना किसी सूचना के खाद्य व तेल की कटौती कर देते हैं। इस प्रताड़ना से तंग होकर कोटेदार अनिल कुमार श्रीवास्तव ने जिलापूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी से इस सम्बंध में जानकारी मांगी तो जिलापूर्ति अधिकारी ने उनसे अभद्रता की और धमकी भरे लहजे में उनको देख लेने की भी बात कही।

अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों के इस रवैये और खाद्य कटौती से परेशान होकर खुद ही 14/05/18 को वितरण मशीन जमा करके कोटा सरेंडर कर दिया और पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री के समक्ष ले जाने की बात कही जिससे घबराए विभाग ने 21/05/18 को अनिल कुमार श्रीवास्तव का कोटा सस्पेंड कर के अपनी साख बचाने की कोशिश की। अनिल कुमार श्रीवास्तव ने हमको बताया कि जिलापूर्ति कार्यालय में इस तरह के एक नही कई मामले आते हैं जिसमे कोटेदारों को जिलापूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी द्वारा खाद्यान्न चोरी के लिए दबाव बनाया जाता है और जो कोटेदार उनकी बात नहीं मानता उस पर कार्यवाही कर कोटा सस्पेंड करने की धमकी दी जाती है। हमारे परिवेश में कोटेदारों और लेखपालों को हमेशा से भ्रष्ट समझा जाता है और अधिकारियों द्वारा इनके ही कंधे पर बंदूक रख कर भ्रष्टाचार की गोली चलाई जाती है, कि यदि कभी कार्यवाही की कोई तीर चले तो सीना इनका हो और मऊ खाद्यापूर्ती विभाग में कुछ ऐसा ही खेल जिला खाद्यापूर्ती अधिकारी द्वारा खेला जा रहा है।

एक तरफ जहां इतिहास में आज़ादी के बाद भाजपा को पहला सांसद देने का काम मऊ जिले की जनता ने किया वहीं पूर्वांचल में मतदाताओं को लुभाने के लिए नरेंद्र मोदी 14 जुलाई को मंदुरी में न केवल पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे बल्कि लोकसभा चुनाव-2019 को ध्यान में रखकर पूर्वांचल के विकास से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। लेकिन भाजपा सरकार से सवाल यह है कि मात्र शिलान्यास से गरीबों का पेट भर जाएगा क्या। क्या मऊ जिलापूर्ति विभाग के भ्रष्ट कर्मचारियों की यह काली करतूत पर कोई फर्क पड़ेगा। जवाब है नही क्योंकि इस भ्रष्टाचार के बारे में मुख्यमंत्री से लेकर खाद्य एवम रसद मंत्री अतुल गर्ग तक से शिकायतें हुई हैं लेकिन मंत्री जी को इतनी फुर्सत कहां की वह गरीबों और भूखों के बारे में सोच सकें और रही बात खाद्यापूर्ती विभाग मऊ के अधिकारियों की, तो वो तो ईमानदारी से मुख्यमंत्री योगी के नीतियों का गला घोंट कर सरकार के मुंह को काला करने में लगे हैं।

@Pushpen40953031

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