Saturday, November 26, 2022
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मिस्टर परफेक्शनिस्ट को जन्मदिन की बधाई

SI News Today

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्टनिस्ट यानी आमिर खान ने आज यानि 14 मार्च 2017 को 51 साल पूरे करके 52 वें साल में कदम रख लिया है. ‘गजनी’, ‘पीके’, ‘3 इडियट्स’, ‘धूम 3’ और हाल ही में ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले आमिर ने ही 100 करोड़ के क्लब की नींव भी रखी है.

आमिर का जन्म 14 मार्च 1965 को उनका जन्म मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था. आमिर का पूरा नाम आमिर हुसैन खान है. उनके पिता का नाम ताहिर हुसैन और मां का नाम जीनत हुसैन है. आमिर पहली बार बड़े पर्दे पर अंकल नासिर हुसैन के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘यादों की बरात’ (1973) में नजर आए थे. इस फिल्म में उन्होंने चाइल्ड एक्टर का रोल प्ले किया था.

अभिनय के साथ निर्देशन में भी परफेक्ट हैं आमिर खान 

आमिर अभिनय के साथ फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी छाप छोड़ चुके हैं. आमिर की पारिवारिक पृष्ठभूमि फिल्म उद्योग जगत से जुड़ी हुई है. उनके पिता ताहिर हुसैन फिल्म निर्माता और चाचा ताहिर हुसैन अभिनेता, निर्माता और निर्देशक रह चुके हैं.

90 के दशक में जीता दिल 

10 साल की उम्र में आमिर खान ने टेलीफिल्म होली में काम किया, लेकिन वह हीरो बने फिल्म कयामत से कयामत तक में। हालांकि, इसके बाद आमिर की कई फिल्में फ्लॉप भी हुईं लेकिन 90 के दशक में दिल, जो जीता वह सिकंदर, दिल है की मानता नहीं, रंगीला और राजा हिंदुस्तानी जैसी उनकी कई फिल्में हिट गयीं।

कयामत से कयामत तक ने दिलाई पहचान

उन्हें ‘कयामत से कयामत तक'(1988) से विशेष कामयाबी मिली. इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ नवोदित कलाकार का अवॉर्ड मिला. 1996 में ‘राजाहिंदुस्तानी’ आमिर के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्म मानी जाती है. इस फिल्म के लिए आमिर को आठ नामांकनों के बाद सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला.

आमिर की फिल्में 

‘दिल’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘अंदाज अपना अपना’, ‘अकेले हम अकेले तुम’, ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘इश्क’, ‘गुलाम’, ‘सरफरोश’, ‘मन’, ‘अर्थ’, ‘मेला’, ‘लगान’, ‘दिल चाहता है’, ‘मंगल पांडे: द राइजिंग’, ‘रंग दे बसंती’, ‘फना’, ‘तारे जमीं पर’, ‘गजनी’, ‘थ्री इडियट्स’, ‘धोबीघाट’, ‘तलाश: द आंसर लाइज वीदिन’, ‘धूम 3’ ‘पीके’ और ‘दंगल’ जैसी फिल्में उनके सशक्त अभिनय का प्रमाण हैं.

लगान से निर्देशन में रखा कदम 

आमिर ने 2001 में ‘आमिर खान प्रोडक्शन्स’ नाम से फिल्म निर्माण कंपनी की शुरुआत की. उन्होंने इसके बैनर तले ‘लगान’ फिल्म बनाई. इसका निर्देशन भी उन्होंने ही किया. ‘लगान’ को सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म के लिए 74वें अकादमी पुरस्कार में भारत की ओर से चुना गया था. इसके बाद 2007 में उन्होंने अपने प्रोडक्शन की दूसरी फिल्म ‘तारे जमीन पर’ बनाई. इसके बाद ‘जाने तू या जाने ना’, ‘पीपली लाइव’, ‘धोबी घाट’, ‘डेल्ही बैली’ और ‘तलाश’ आमिर के ही प्रोडक्शन हाउस से ही हैं, जिन्होंने अच्छा कारोबार किया.

छोटे पर्दे पर भी बने परफेक्ट 

2012 में आमिर ने टेलीविजन शो ‘सत्यमेव जयते’ के साथ छोटे पर्दे का रुख किया. उन्होंने इस शो के माध्यम से देश के सामाजिक मुद्दों को बहुत ही गहराई से जनता के समक्ष रखा.

अवॉर्ड फंक्शनों से बनाई दूरी 

आमिर ने 2009 में लंदन के प्रख्यात मैडम तुसाद संग्रहालय में अपनी मोम की प्रतिमा बनवाने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि जिन कार्यों में उनकी रूचि नहीं है, वह उसे करने में विश्वास नहीं रखते. आमिर ने हिंदी फिल्म उद्योग जगत पुरस्कार समारोहों में उचित पारदर्शिता नहीं बरतने के मद्देजनर इन समारोहों से दूरी बना रखी है.

आमिर ने दो शादियां की 

आमिर ने 1986 में ही रूढ़िवादी मान्यताओं को दरकिनार करते हुए रीना दत्ता से विवाह किया, लेकिन 2002 में उनका तलाक हो गया. 2005 में आमिर ने किरण से शादी कर ली. दोनों का सेरोगेसी प्रक्रिया से एक बेटा भी है, जिसका नाम आमिर ने आजाद राव खान रखा है.

पद्मश्री-पद्मभूषण से सम्मानित 

आमिर को 2003 में पद्मश्री और 2010 में पद्मभूषण से नवाजा गया. उन्हें भारतीय सिनेमा और मनोरंजन उद्योग में अपने अभूतपूर्व योगदान के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (एमएएनयूयू) से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा जा चुका है.

आमिर से जुड़े विवाद

आमतौर पर विवादों से दूर रहने वाले आमिर उस समय विवादों में फंस गए, जब उन्होंने देश में असहिष्णुता के मुद्दे पर अपनी बात मीडिया से साझा की जिसके बाद उन्हें कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी. हालांकि, आमिर ने मीडिया के समक्ष अपना रुख स्पष्ट करते हुए भारत को सहिष्णु राष्ट्र बताया था.

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