Saturday, April 13, 2024
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BCCI से मिलने वाली सैलरी से खुश नहीं हैं विराट कोहली, सालाना पांच करोड़ की मांग की

SI News Today

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने हाल ही में अनुबंधित खिलाड़ियों के वेतन को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है, लेकिन बावजूद इसके कुछ खिलाड़ी इससे खुश नहीं हैं. भारतीय क्रिकेटर्स ने बीसीसीआई से अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग की है. खिलाड़ियों का कहना है कि उनकी सैलरी दुनिया में मिल रहे पैसों के लिहाज से कम है, इसलिए विश्व के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड से उन्होंने पैसे बढ़ाने की मांग की है.

फर्स्टपोस्ट में छपी एक खबर के मुताबिक, खिलाड़ियों का कहना है उन्हें बीसीसीआई की आय का बहुत कम हिस्सा मिल रहा है. कोहली के साथ-साथ उनकी टीम के कुछ और साथी भी इस वेतन से नाखुश हैं. कोहली ने जोर दिया कि वो और उनके टीम साथी कॉन्ट्रैक्ट से खुश नहीं हैं. उन्हें उतने पैसे नहीं मिल रहे, जितने वे चाहते थे. वे अब ग्रेड ए के लिए पांच करोड़, ग्रेड बी के लिए तीन करोड़ और ग्रेड सी के लिए डेढ़ करोड़ रुपए चाहते हैं.

कोहली का तर्क है कि स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और जो रूट जैसे क्रिकेटरों को उनके क्रिकेट बोर्ड ज्यादा पैसे देते हैं. इनके बोर्ड जो पैसे देते हैं, उससे भारतीय क्रिकेटर पैसों के मामले में चौथे स्थान पर खिसक जाते हैं.

बीसीसीआई अधिकारियों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद विराट कोहली की तरफ से मांग आई. इसमें पैसे बढ़ाने के लिए कहा गया. सूत्रों के मुताबिक भारतीय कप्तान ने बताने की कोशिश की कि भारतीय क्रिकेटरों को दूसरे देश के मुकाबले कितने कम पैसे मिलते हैं. कोहली को पता चला कि भारतीय क्रिकेटर पैसे के मामले में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बाद चौथे नंबर पर हैं. उसके बाद उन्होंने टीम के सीनियर सदस्यों से बात की. फिर सीओए से मीटिंग की इच्छा जताई.

शुरुआत में सीओए इस मांग के सामने नहीं झुका. वजह ये थी कि नए कॉन्ट्रैक्ट में पैसे दोगुने कर दिए गए थे. ए ग्रेड के क्रिकेटर को दो करोड़ रुपये मिलते हैं, जिसमें विराट कोहली और पूर्व कप्तान एमएस धोनी हैं. ग्रेड बी में रिटेनरशिप के एक करोड़ और ग्रेड सी में 50 लाख रुपए मिलते हैं.

बता दें कि पिछले महीने बीसीसीआई ने ए, बी और सी वर्ग के अनुबंधों की राशि दोगुनी करते हुए क्रमश: दो करोड़, एक करोड़ और 50 लाख रुपए कर दी थी. बोर्ड ने टेस्ट मैच, एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी20 अंतरराष्ट्रीय के लिए भी मैच फीस बढ़ाकर क्रमश: 15 लाख, छह लाख और तीन लाख रुपए कर दी.

भारतीय खिलाड़ी ग्रेड राशि में इजाफे से नाखुश हैं, क्योंकि इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के उनके समकक्ष क्रिकेटरों को उनके बोर्ड कहीं अधिक राशि दे रहे हैं. खिलाड़ियों का कहना है कि बीसीसीआई को 1400 करोड़ रुपए की कमाई हर साल होती है फिर खिलाड़ियों को सिर्फ 54 करोड़ रुपए आवंटित करना कहां तक उचित है?

एक अधिकारी के हवाले से कहा गया कि भारतीय क्रिकेटर्स रिटेनर फीस सहित एक साल में कुल 4-5 करोड़ रुपए ही कमा पाते हैं. जबकि इंग्‍लैंड, ऑस्‍ट्रेलिया के क्रिकेटर्स को 10-12 करोड़ रुपए मिलते हैं. यहां यह उल्‍लेखनीय है कि बीसीसीआई के पास वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में 509.13 करोड़ रुपए का सरप्‍लस बजट है.

सीओए के मुताबिक बीसीसीआई अधिकारियों को ये बात पता है. सीओए ने बीसीसीआई के वर्तमान पदाधिकारियों को 5 अप्रैल के दिन हैदराबाद बुलाया है. सीओए ने क्रिकेटर्स को आईपीएल के दसवें संस्करण के खत्म होने तक रुकने के लिए कहा है.

प्रशासकों की समिति (सीओए) के ऑफिशियल विनोद राय का कहना है कि इस मुद्दे पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. 5 अप्रैल की मीटिंग का एजेंडा तय हो चुका है.

कोच कुंबले भी हैं कोहली के साथ

कोहली को कोच अनिल कुंबले का साथ मिला है. कोहली के मुताबिक इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर 10-12 करोड़ रुपये कमाते हैं. इनमें रिटेनरशिप और मैच फीस शामिल है. भारत के टॉप क्रिकेटर की कमाई चार से पांच करोड़ रुपए हैं. इसमें भी रिटेनरशिप और मैच फीस शामिल हैं. भारतीय कप्तान ने कह दिया है कि ये स्वीकार करने लायक नहीं है. खासतौर पर ऐसे समय, जब बीसीसीआई की कमाई बहुत ज्यादा है और वे आईसीसी से भी कमाई के बड़े हिस्से की मांग कर रहे हैं.

बीसीसीआई अधिकारी के मुताबिक, ‘कोहली, उनकी टीम और कुंबले बोनस भी चाहते हैं.’ अधिकारी का कहना है कि इन लोगों ने सीओए से कहा है कि दो कॉन्ट्रैक्ट बनाए जाएं. एक टेस्ट के लिए और एक सीमित ओवर्स की क्रिकेट के लिए. दोनों फॉरमेट में ग्रेड ए क्रिकेटर को पांच करोड़ रुपए दिए जाएं.

खिलाड़ियों के वेतन से नाखुश रवि शास्त्री

पूर्व भारतीय आलराउंडर रवि शास्त्री ने भी खिलाड़ियों की इस मांग का समर्थन किया है. रवि शास्त्री ने हाल में भुगतान राशि में की गई बढ़त को मामूली करार दिया. इस संशोधित वेतन ढांचे से नाखुश शास्त्री ने कहा, ‘‘यह (जो उन्हें मिल रहा है) कुछ भी नहीं है, दो करोड़ रुपए मामूली हैं. ऑस्ट्रेलियाई (क्रिकेटर) को कितने पैसे मिल रहे हैं.’’

बीसीसीआई अधिकारी के मुताबिक ये मांग दिलचस्प है और पूरी तरह योजना बनाकर की गई है. कोहली ने तमाम लोगों के हित का ध्यान रखा है. उनकी मांग से टीम में कोई नाराज नहीं है. न ही उन्होंने किसी को खुश करने की कोशिश की है.

वनडे और टेस्ट दोनों में ग्रेड ए क्रिकेटर को मिल सकते हैं 10 करोड़ रुपए

कोहली की तरफ से मांग रखी गई है, जिसमें कहा गया है कि टेस्ट, वनडे और टी-20 क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए दो अलग-अलग कॉन्ट्रेक्ट हो. इससे अलग-अलग रकम मिलेगी. उदाहरण के तौर पर एमएस धोनी अब केवल वनडे और टी20 ही खेलते हैं तो उन्‍हें पांच करोड़ रुपये मिलेंगे. वहीं टेस्‍ट विशेषज्ञ चेतेश्‍वर पुजारा को भी पांच करोड़ रुपये मिलेंगे. लेकिन कोहली, रवींद्र जडेजा और अजिंक्‍य रहाणे जैसे क्रिकेटर्स को लगभग 10 करोड़ रुपये सालाना मिलेंगे. खिलाडि़यों की मांग पर प्रशासक समिति ने आईपीएल 10 के पूरे होने तक इंतजार करने को कहा है. माना जा रहा है कि क्रिकेटर्स की इस मांग को माना जा सकता है.

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