Saturday, June 15, 2024
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दस रुपए के सभी सिक्के होंगे वैध-रिजर्व बैंक ने किया स्पष्ट

SI News Today

देश में दस रुपए के विभिन्न प्रकार के सिक्कों पर जनता के बीच भ्रम को देकते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सिक्का अमान्य नहीं है और सभी सिक्के चलन में हैं। ये समय-समय पर जारी किए गए अलग अलग डिजाइनों के सिक्के हैं। बैंक का कहना है कि शेरांवाली की फोटो वाला सिक्का, संसद की तस्वीर वाला सिक्का, बीच में संख्या में ‘दस’ लिखा हुआ सिक्का, होमी भाभा की तस्वीर वाला सिक्का, महात्मा गांधी की तस्वीर वाला सिक्का सहित अन्य सभी सिक्के मान्य हैं। केंद्रीय बैंक के अनुसार इन सिक्कों को विभिन्न विशेष मौकों पर जारी किया गया है। दस रुपए के सिक्कों के लेनदेन को लेकर लोगों के बीच अक्सर विवाद खड़ा हो जाता है। ज्यादातर लोगों का कहना है कि दस पत्ती वाला वही सिक्का मान्य है जिसमें दस का अंक नीचे की तरफ लिखा है और दूसरी तरफ शेर का अशोक स्तंभ अंकित है।  केन्द्रीय बैंक के एक अधिकारी ने इस संबंध में बातचीत में स्पष्ट किया गया कि दस रुपए के सभी सिक्के वैध हैं।

कॉरपोरेट मामलों के वकील शुजा जमीर ने कहा, ‘भारत की वैध मुद्रा को लेने से इनकार करने पर राजद्रोह का मामला बनता है और जो ऐसा करता है उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (1) के तहत मामला दर्ज हो सकता है क्योंकि मुद्रा पर भारत सरकार वचन देती है। इसको लेने से इनकार करना राजद्रोह है।’आरबीआइ ने कहा है कि केंद्रीय बैंक ने समय-समय पर आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक थीम पर सिक्के जारी किए हैं और सिक्कों में 2011 में रुपए का चिह्न शामिल करने के बाद बदलाव आया। सिक्के लंबे समय तक सही रहते हैं इसलिए यह मुमकिन है कि बाजार में अलग अलग डिजाइन और छवि के सिक्के हों, जिनमें बिना ‘रुपए’ के चिह्न वाले सिक्के भी शामिल हैं। हालांकि आरबीआई ने किसी को भी वापस नहीं लिया है और सारे सिक्के वैध हैं। 26 मार्च 2009 को जारी एक अन्य बयान में आरबीआइ ने कहा, ‘आरबीआइ दस रुपए का नया सिक्का जारी करेगा जो तीन हिस्सों में विभाजित होगा। एक हिस्से में अशोक स्तंभ और इसके नीचे ‘सत्यमेव जयते’ लिखा होगा और साथ में संख्या में दस लिखा होगा। बाकी पेज 8 पर ऊपरी हिस्से में हिंदी और अंग्रेजी में ‘भारत और इंडिया’ व निचले हिस्से में ‘वर्ष’ लिखा होगा। वहीं दूसरा हिस्सा विविधता में एकता का परिचालक है, जिसमें चार बिंदु हैं जो देश के चार हिस्सों का प्रतीक हैं जो एक देश की पहचान के साथ आ रहे हैं। उच्च्परी बाईं ओर शब्दों में दस रुपए’ और ‘टेन रूपीज’ लिखा होगा।’

इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने आरबीआई के 75 वर्ष पूरे होने पर, संसद के 60 साल पूरे होने पर, माता वैष्णो देवी मंदिर बोर्ड की रजत जयंती पर, महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से वापस आने की शताब्दी पर, डॉ बीआर आंबेडकर के 125वीं जयंती पर, स्वामी चिन्मयानंद की जन्म शताब्दी के मौके पर सिक्के जारी किए हैं। वहीं दूसरी ओर लोगों का कहना है कि सिक्कों को लेकर बेहद भ्रम की स्थिति है और कोई भी सिक्के नहीं ले रहा है।सेवानिवृत्त शिक्षक दयानंद वत्स ने कहा कि कई इलाकों में दुकानदार, रिक्शे वाले और बस वाले कोई भी सिक्का नहीं ले रहा है। इससे लोगों को बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वे सिक्को को नकली बताते हैं। वहीं दुकानदारों ने कहा कि कई सिक्कों के नकली होने की खबर है इसलिए हम कोई सिक्का नहीं ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक भी हमसे सिक्के नहीं ले रहे हैं। ऐसे में हमारे पास कई हजार रुपए के सिक्के हैं और हमसे न बैंक और न लोग यह सिक्के ले रहे हैं। फिर हम और सिक्के लेकर क्या करेंगे?

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