Thursday, November 24, 2022
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दिल्ली में मरीजों को हो रही परेशानी, हड़ताल में Pvt. अस्पताल भी हुए शामिल

SI News Today

मुंबई में डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना की आंच दिल्ली तक पहुंच गई है. गुरुवार को जहां इस हड़ताल में दिल्ली के सरकार अस्पतालों के 40 हजार डॉक्टर शामिल थे वहीं आज इस में दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों के 20 हजार डॉक्टर भी शामिल हो गए है. आज सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर मिलकर हड़ताल पर रहेंगे.

जाहिर है करीब 60000 डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने के मद्देनजर आज स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी. दिल्ली के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सुविधाएं आज बंद रहेंगी, जबकि इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध होंगी.

प्राइवेट अस्पतालों में आज अपोलो, बालाजी एक्शन, सर गंगा राम जैसे बड़े अस्पतालों के डॉक्टर भी हड़ताल पर है. इससे पहले गुरुवार को दिल्ली के करीब 10 हजार रेजिडेंट डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर रहे. केंद्र सरकार के आरएमएल व लेडी हार्डिग मेडिकल कॉलेज में भी रेजिडेंट डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे. महाराष्ट्र के धुले में डॉक्टर के साथ मारपीट के बाद अब दिल्ली में भी डॉक्टर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.

दिल्ली में गुरुवार को भी दिखा हड़ताल का असर 

गुरुवार को एम्स और सफदरजंग अस्पताल को छोड़कर दिल्ली के 33 अस्पतालों में ओपीडी सेवा चरमरा गई. डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज कराह उठे. अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा. सैकड़ों मरीजों के ऑपरेशन भी टाल दिए गए. हालांकि अस्पतालों की इमरजेंसी में रेजिडेंट डॉक्टर ड्यूटी पर थे. 130 अस्पतालों में हड़ताल का प्रभाव अधिक रहा.  नए मरीजों के ओपीडी कार्ड तक नहीं बनाए गए.

 दिल्ली सरकार के अस्पतालों का हाल

गुरुवार को राजधानी में दिल्ली सरकार के जीटीबी अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद रहा, वहीं दिल्ली सरकार के अन्य अस्पताल लोकनायक जय प्रकाश (इरविन), अंबेडकर अस्पताल (रोहिणी), हेडगेवार (कड़कड़डूमा), संजय गांधी स्मारक अस्पताल (मंगोल पुरी), भगवान महावीर अस्पताल (पीतम पुरा), दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल (हरिनगर) सहित अन्य अस्पतालों में भी गुरुवार को रेजिडेंट डॉक्टर सुबह नौ बजे से चार बजे तक हड़ताल पर रहे. आज भी इन अस्पतालों में मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

सैकड़ों मरीजों के ऑपरेशन भी टाल दिए गए

कई अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों ने पोस्टर के जरिये मारपीट की घटनाओं का विरोध किया और सुरक्षा की मांग की. रेजिडेंट डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर में भी ड्यूटी पर नहीं गए.  इसलिए जिन मरीजों को ऑपरेशन की तारीख दी गई थी, उनमें से करीब 50 फीसद मरीजों के ऑपरेशन टालने पड़े.

डॉक्टरों की मांग

डॉक्टरों की मांग है कि अस्पतालों में सुरक्षा के मद्देनजर गार्ड तैनात किए जाएं, मरीज के साथ दो अटेंडेंट ही हों, डॉक्टर्स और स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया जाए. वहीं मुंबई हाईकोर्ट में मार्ड द्वारा अंडरटेकिंग दिए जाने के बाद भी डॉक्टरों की हड़ताल अभी भी जारी है. डॉक्टर दो हिस्सों में बंट गए हैं, कुछ ड्यूटी पर लौट गए हैं, तो कुछ का कहना है कि कोर्ट में महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स (मार्ड) ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की लेकिन यह हड़ताल मार्ड द्वारा घोषित ही नहीं की गई थी ऐसे में उनके पास कोई अधिकार नहीं है कि वह हड़ताल को वापस लेने का कोई फरमान जारी करें डॉक्टरों का कहना है कि यदि अगले 48 घंटों में सुरक्षा नहीं मिली तो डॉक्टर सामूहिक रूप से इस्तीफ़ा देंगे

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