Thursday, June 20, 2024
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दोनों समुदायों के लोग मिल बैठे तो कड़वाहट में आई कमी

SI News Today

जातीय हिंसा ग्रस्त शब्बीरपुर गांव में जब दोनों समुदायों के लोगों को साथ बैठाया गया तो गिले-शिकवे दूर हुए और रंजिश की कड़वाहट कम दिखने लगी है। दोनों समुदायों के प्रबुद्ध लोगों ने माना कि हालिया हिंसा की घटनाओं में बाहरी लोगों का हाथ था। जबकि इस गांव में हमेशा से ही सद्भाव और आपसी भाईचारा रहा है। इस बीच जिला प्रशासन ने कांग्रेस के राष्टÑीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सहारनपुर आने की अनुमति नहीं दी। इसी के साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या का सहारनपुर आने का कार्यक्रम भी रद्द हो गया।
दोनों समुदायों को साथ बैठाने की पहल गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्र ने की। मिश्र अपने साथ आए अफसरों को लेकर पहले तो दोनों समुदायों के घरों पर गए और अलग-अलग उनकी पीड़ा सुनी। दोनों पक्षों के लोगों के गिले शिकवे सुनने के बाद अफसरों ने दोनों समुदायों को साथ बैठाया। इसमें वक्ताओं ने प्रशासन को भरोसा दिया कि यहां के लोग फिर से पहले की तरह मिल जुलकर एक दूसरे हमदर्द बनकर रहेंगे।’

उधर, मायावती के शब्बीरपुर दौरे के बाद हुई हिंसा में जिस युवक आशीष की जान चली गई थी उसके पिता मेघराज का कहना था कि हमें अपने बेटे की मौत का गहरा दुख है लेकिन हम इस लड़ाई को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। आशीष के गांव सुआंखेड़ी में तीसरे दिन भी मातम पसरा रहा। उसके पिता मेघराज ने कहा कि यह जातीय संघर्ष बंद होना चाहिए और सभी लोगों को एक साथ मिलजुल कर रहना चाहिए। मृतक आशीष की बहन 18 वर्षीय स्वाति ने अफसोस और दुख के साथ कहा कि उसका भाई अब नहीं रहा। अब वह किसके हाथ पर राखी बांधेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने आशीष के परिजनों को 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। मुख्यमंत्री की ओर से 5 मई को मारे गए रसूलपुर टांक गांव के दूसरे समुदाय के युवक सचिन राणा के परिजनों को भी 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी।

उधर, कांग्रेस के राष्टÑीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सहारनपुर आने की अनुमति नहीं देने पर गृह सचिव मणिप्रसाद मिश्र ने बताया कि सहारनपुर की स्थिति को देखते हुए यह तय किया गया है कि किसी भी राजनीतिक दल के नेता को तब तक सहारनपुर का दौरा करने की अनुमति नहीं मिलेगी जब तक यहां की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। इसी के मद्देनजर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या का शुक्रवार को सहारनपुर आने का कार्यक्रम भी रद्द हो गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा जो राज्यसभा की सदस्य भी हैं को भी पुलिस ने सहारनपुर में आने से रोक दिया है। कुमारी शैलजा और कांग्रेस राज्यसभा के सदस्य पीएल पूनिया सहारनपुर के सरसावा क्षेत्र में पहुंचे जहां उन्हें पुलिस ने सहारनपुर जाने से रोक दिया। रोके जाने पर इन कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के रवैए पर नाराजगी जताई और जातीय हिंसा के लिए भाजपा को आरोपित किया।

इस बीच भाजपा ने सहारनपुर उपद्रव के मुख्य आरोपी भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के भाजपा और संघ के साथ संबंध होने का दृढ़ता से इनकार किया है। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जसवंत सैनी और सहारनपुर भाजपा जिला अध्यक्ष वीजेंद्र कश्यप दोनों ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती के चंद्रशेखर के भाजपा की पैदाइश बताने के आरोपों में कोई दम नहीं है। भाजपा जिला अध्यक्ष वीजेंद्र कश्यप जो चंद्रशेखर के गांव छुटमलपुर के ही निवासी हैं, का कहना था कि उन्होंने कभी भी चंद्रशेखर का इन घटनाओं में नाम और जिक्र नहीं सुना। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर कुछ राजनीतिक दलों का मोहरा बना हुआ है। भाजपा के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मामले में चंद्रशेखर की संलिप्तता को लेकर जांच कराने और उसकी तत्काल गिरफ्तारी किए जाने की मांग की है।

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