Wednesday, February 21, 2024
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बैंक ने कहा- कार्ड स्वाइप से सालाना लगती है 3800 करोड़ रुपये की चपत…

SI News Today

देश की सबसे बड़ी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद से बैंकों के पेमेंट प्रणाली में किए गए बदलाव से बैंकों को 3,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार की कैशलेस योजना को बढ़ावा देने के लिए भले ही डेबिट और क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शंस बढ़े हों लेकिन कम एमडीआर, कार्ड का कम इस्तेमाल, कमजोर टेलिकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे कारणों से बैंकों को भारी घाटा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों द्वारा खरीदी गई PoS मशीन पिछले साल जनवरी में 13.8 लाख थी, जबकि इस साल जुलाई तक इनकी संख्या 28 लाख हो चुकी है। पीओएस मशीन का इस्तेमाल डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पैसे काटने के लिए किया जाता है।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘सरकार ने PoS इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं और बैंकों ने भी अधिक से अधिक पीओएस मशीनों को इंस्टॉल किया है। लेकिन बैंकों को इसका फायदा तभी होगा, जब PoS से होने वाले ट्रांजेक्शंस में बढोतरी होगी। अभी अधिकांश लोग एटीएम का प्रयोग करते हैं। जिस वजह से बैंकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।’ एसबीआई के अनुमानों के मुताबिक, इंटर बैंक ट्रांजैक्शंस से पीओएस टर्मिनल्स पर 4,700 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। इसमें से अगर एक ही बैंक में किए गए पीओएस ट्रांजैक्शंस को घटा दें तो यह कुल घाटा 3,800 करोड़ रुपये हुआ है।

एसबीआई उपभोक्ता ‘भारत क्यूआर’ के जरिए कर सकेंगे भुगतान
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले एसबीआई ने पेमेंट सिस्टम में भारत क्यूआर के एकीकरण की घोषणा की थी। एसबीआई द्वारा पेश की गई इस तकनीक के जरिए एसबीआई कार्ड होल्डर एसबीआई कार्ड मोबाइल एप में ‘स्कैन एंड पे’ फंक्शन के जरिये क्यूआर कोड आधारित भुगतान कर सकते हैं। भारत क्यूआर कोड पेमेंट विकल्प के साथ कार्ड धारक प्वाइंट ऑफ सेल एवं ऑनलाइन दोनों पर ही फिजिकल कार्ड का इस्तेमाल किए बिना लेन-देन करने में सक्षम होंगे। अब भारत क्यूआर को सपोर्ट करने वाले सभी मर्चेट्स के पास एसबीआई क्रेडिट कार्ड पर क्यूआर कोड आधारित भुगतान कर सकते हैं।

क्यूआर कोड के जरिये पेमेंट करने के लिये कार्ड धारकों को अपने एसबीआइ कार्ड मोबाइल एप्प पर ‘स्कैन एंड पे’ ऑप्शन लॉन्च करना होगा और विक्रेता के क्यूआर कोर्ड को स्कैन करना होगा। भुगतान राशि को दर्ज करने के बाद लेन-देन की पुष्टि ग्राहक द्वारा एमपिन का इस्तेमाल कर की जाएगी। भुगतान की सफल प्रोसेसिंग के आधार पर ट्रांजैक्शन राशि को कार्ड से उसी समय काट लिया जाएगा। ग्राहक अपने एमपिन को क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी, जन्म तिथि और ओटीपी से निर्धारित कर सकते हैं। इसकी जानकारी सिर्फ उन्हें ही होती है और इसलिये भुगतान का काम पूरी तरह से सुरक्षित रहता है।

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