Monday, April 15, 2024
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साल 1950 के बाद तेजी से बढ़ी है दुनिया की जनसंख्या

SI News Today

आज यानि 11 जुलाई को पूरी दुनिया में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है। पहली बार साल 11 जुलाई 1989 में यूएन की गवर्निंग काउंसिल ने 11 जुलाई को दुनिया में जनसंख्या दिवस मनाने का फैसला किया। तब से पूरी दुनिया में इस दिन को जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। जनसंख्या दिवस को मनाने का उद्देश्य है कि दुनिया का हर नागरिक जनसंख्या नियंत्रण में अपना योगदान दे। इस दिन जागरुकता फैलाने के लिए नेशनल और इंटरनेशल लेवल पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

दुनिया की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। यूएन की एक रिर्पोट के अनुसार साल 2050 तक दुनिया की आबादी 9.8 अरब हो जाएगी। वहीं अगर भारत की बात की जाए तो साल 2022 तक भारत जनसंख्या के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा। बता दें साल 1951 में भारत की आबादी 36 करोड़ थी, जो बढ़कर 127 करोड़ हो गई है। साल 2030 तक भारत की आबादी 1.5 अरब होने की संभावना है। यूएन की एक रिर्पोट के अनुसार फिलहाल दुनिया की आबादी 7.349 अरब है, जो 2050 तक 9.725 अरब हो जाएगी। वहीं अगर आने वाले 15 सालों की बात करें तो दुनिया की जनसंख्या 8.5 अरब हो जाएगी।

दुनिया की कुल आबादी की 18 फीसदी आबादी भारत में रहती है तो वहीं चीन की भागेदारी 19 फीसदी है। भारत में भले ही दुनिया की 18 फीसदी जनसंख्या रहती हो लेकिन भारत के पास विश्व का सिर्फ 2.4 फीसदी क्षेत्रफल है। यूएन की रिपोर्ट के अनुसार चीन की जनसंख्या 1,384,200,000, भारत- 1,318,350,000, अमेरिका- 325,386,000 इंडोनेशिया- 263,991,000, ब्राजील -207,718,000 है। दुनिया में हर साल 80 मिलियन लोग पैदा होते हैं।

यूएन की रिपोर्ट के अनुसार साल 1800 में दुनिया के तीन फीसदी जनसंख्या शहरों में रहती थी, वहीं 2050 तक 70 फीसदी जनसंख्या शहरों में रह रही होगी। साल 1900 में दुनिया में सिर्फ 12 ऐसे शहर थे, जिनमें एक मिलियन से ज्यादा लोग रह रहे हों। अगर आज की बात की जाए तो दुनिया में ऐसे 400 शहर हैं, जिनमें एक मिलियन से ज्यादा लोग रहते हैं। वहीं 400 में से 19 शहर तो ऐसे हैं, जिनमें दस मिलियन से भी ज्यादा लोग रहते हैं।

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