Thursday, June 20, 2024
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J&K: मोदी की अपील का हुआ असर, भारी संख्या में सेना में भर्ती होने पहुंचे कश्मीरी युवा

SI News Today

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कश्मीरी युवाओं पर असर महज 36 घंटे में ही नजर आने लगा है. सोमवार को कश्मीरी युवाओं ने अलगाववादियों की अपील को ठुकराकर भारी संख्या में सेना में भर्ती होने पहुंचे. उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में आयोजित सेना की भर्ती में करीब तीन हजार कश्मीरी युवाओं ने हिस्सा लिया. आर्मी रिक्यूटमेंट रैली के डीडीजी जेएस समयाल ने बताया कि कश्मीरी युवाओं में सेना में भर्ती को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. अलगाववादियों की सेना की भर्ती का बहिष्कार करने की अपील का कश्मीरी युवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा.

कश्मीरी युवा आतंकवाद और पत्थरबाजों को दरकिनार विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहते हैं. समयाल ने बताया कि सेना में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए कश्मीर घाटी से 19 हजार से ज्यादा युवाओं ने आवेदन किया. इससे साफ होता है कि बेरोजगारी से जूझ रहे कश्मीरी युवा पत्थरबाजी की बजाय नौकरी का रास्ता चुन रहे हैं. ऐसे में सेना इन कश्मीरी युवाओं को रोजगार के साथ ही देश की सेवा का अवसर दे रही है.

पीएम मोदी ने टूरिज्म या टेररिज्म में से एक चुनने को कहा था
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर चेनानी और नाशिरी के बीच देश की सबसे लंबी सड़क सुरंग के उद्घाटन के दौरान कहा था कि कश्मीर के युवाओं के सामने दो विकल्प हैं. उन्हें टूरिज्म और टेररिज्म में से एक को चुनना होगा. पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर हमला बोलते हुए मोदी ने कहा कि इसी कश्मीर में कुछ लोग भटके हुए हैं, जो पाकिस्तान के इशारे पर पत्थरबाजी करते हैं और इसी कश्मीर के कई लोग इन्हीं पत्थरों को तराशकर न सिर्फ कश्मीर बल्कि देश की किस्मत चमका रहे हैं.

सरकार कर रही कश्मीरी युवाओं के लिए काम
पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि कश्मीर के युवाओं के लिए सरकार काम कर रही है और उन्हें इसमें शामिल होकर न सिर्फ राज्य का बल्कि देश की तस्वीर भी बदलनी है. जनसभा को संबोधित करने से पहले पीएम ने खुली जीप में जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ सुरंग का का जायजा लिया. यह सुरंग कश्मीर के लिए नए रोजगार के मार्ग खोलेगा. मोदी ने कहा था कि कश्मीर में ऐसी नौ सुरंग बनाने की योजना है. हिंदुस्तान से कश्मीर का जुड़ाव केवल रास्तों का नहीं होगा, दिलों का नेटवर्क बनने वाला है.

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