Saturday, May 25, 2024
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पत्‍थर बरसाने वाले हाथों से अब हो रहे हैं चाय-नाश्‍ते के लिए स्वागत

SI News Today

Welcome by tea-breakfast instead of Stone in very sensitive village of J&K to Indian Army.

 #JKGovernerRule     

राज्‍यपाल शासन लागू होते ही जम्‍मू-कश्‍मीर की घाटियों की हवाओं ने भी अपना रंग बदल लिया है, दरअसल जम्‍मू-कश्‍मीर में राज्‍यपाल शासन लागू होने के बाद आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबलों ने घाटी के कुछ गांवों में सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान पहली बार सुरक्षाबलों के जवानों को न तो कोई विरोध दिखाई पड़ा और न तो किसी तरह की पत्‍थरबाजी झेलनी पड़ी। सुरक्षाबलों के जवानो को ताज़्ज़ुब तो तब हुआ जब गांव वालों ने उनसे चाय-नाश्‍ते के लिए आग्रह किया।

जम्‍मू-कश्‍मीर में सालों से तैनात सुरक्षाबलों के सामने ऐसी घटना पहली बार हुई थी, जब‍ घाटी के गांव वाले बिना किसी डर के इतनी सहृदयता से उनका स्वागत किया था। सुरक्षाबलों से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार सुबह सूचना मिली थी कि कुछ आतंकी दक्षिण और उत्‍तरी कश्‍मीर के दो गांवों में छिपे हुए हैं। इंटेलीजेंस इनपुट में जिन दो गांवों के नाम को बताया गया था, वे दोनों गांव दशकों से हिंसा के लिए बदनाम रहे हैं। सुरक्षाबलों का अनुभव भी इन गांवों को लेकर अच्‍छा नहीं था। अपने पुराने अनुभवों को ध्‍यान में रखते हुए सुरक्षाबलों ने इन गांवों की तरफ जाने से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे कारक लिए थे। सुरक्षाबलों को डर था कि सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्‍हें भारी पत्‍थरबाजी का समाना करना पड़ सकता है। अतः जवानों को कई टीमों में बांट दिया गया। कमांडो और स्‍नाइपर्स का चुनाव ऑपरेशन टीम के लिए किया गया। इसके अलावा, दूसरी टीम को इलाके के घेरेबंदी की जिम्‍मेदारी दी गई। वहीं तीसरी टीम की जिम्‍मेदारी थी कि वे किसी भी सूरत में पत्‍थरबाजों को ऑपरेशन एरिया में दाखिल नहीं होने देंगे।

मगर गांव में जवानो के दाखिल होते ही उन्हें बिलकुल अलग ही नज़ारा देखने को मिला। गांव वालों ने न सिर्फ उनकी मदद की बल्कि उन्हें चाय-नाश्ते के लिए भी पूछा। जवानो ने चाय-नाश्ता तो नहीं किया मगर हाँ गांव वालो का मान-सम्मान और आदर का ध्यान रखते हुए उनसे पानी जरूर मांग कर पिया और उनसे अपील की कि यदि उन्हें कोई समस्या होती है तो वो उनसे बेझिझक अपनी बात बिना डर के बता सकते हैं।

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