Sunday, April 21, 2024
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दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में बरस रह हैं शोले

SI News Today

दिल्ली समेत लगभग पूरा उत्तर भारत इस समय भीषण तपन की चपेट में है। कई जगहों पर लू का कहर जारी है। सोमवार को दिल्ली में पारे ने पिछले सात सालों का रेकॉर्ड तोड़ा, जब सफदरजंग का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और पालम का पारा 45 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर चला गया। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 घंटों के दौरान कई जगहों पर लू की स्थिति बने रहने की संभावना है। हालांकि 17 मई से पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मॉनसून गतिविधियों के प्रभाव के चलते दिल्ली और एनसीआर (फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद) में भीषण गर्मी से थोड़ी राहत के आसार बन रहे हैं। उधर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी लू का प्रकोप बढ़ गया है सोमवार को दिल्ली-एनसीआर के लिए 15 मई पिछले सात सालों में सबसे गर्म रही, भीषण गर्मी और लू के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, पालम केंद्र पर अधिकतम तापमान का पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहा, वहीं सफदरजंग केंद्र पर अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान भी 28-29 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने के कारण सुबह का समय भी राहत देने वाला नहीं था। मौसम विभाग के आंकड़े के मुताबिक, सोमवार को पिछले सात सालों में पारा सबसे ज्यादा ऊपर रहा। वर्ष 2016 में इस दिन (15 मई) 42 डिग्री, 2015 में 36 डिग्री, 2014 में 32 डिग्री, 2013 में 40 डिग्री, 2012 में 35 डिग्री और 2011 में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। रविवार को भी पारे ने रिकॉर्ड तोड़ा था और अयानगर का तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार से आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे, धूल भरी आंधी भी चल सकती है, लेकिन लू की स्थिति 16 मई तक जारी रहने की संभावना है। हालांकि उसके बाद अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस कमी आ सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव के आसार नहीं है। वहीं निजी मौसम एजंसी स्काइमेट के मुताबिक, उत्तर भारत में आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जल्द ही पाकिस्तान पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र विकसित हो सकता है जिससे एक ट्रफ रेखा दिल्ली तक बनने की संभावना है। इन मौसमी हलचलों के चलते मंगलवार शाम से वातावरण में नमी बढ़ेगी और कहीं-कहीं आंशिक बादल देखे जाएंगे। इन मौसमी प्रणालियों का प्रभाव 17 मई से कुछ बढ़ने की संभावना है।
स्काइमेट ने अनुमान जताया है कि राजधानी दिल्ली और इससे सटे फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में 17 से 19 मई के बीच मौसम सक्रिय रहेगा। इस दौरान इन भागों में प्री-मॉनसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। दोपहर या शाम के समय धूलभरी आंधी चलने और बादलों की गर्जना होने के साथ कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। छिटपुट जगहों पर हल्की वर्षा भी हो सकती है। स्काइमेट के मुताबिक, अगले 24 से 36 घंटों के बाद मौसम में आने वाला यह बदलाव भले ही खास बारिश नहीं देगा, लेकिन इस समय जारी भीषण गर्मी से कुछ राहत अवश्य मिलेगी।

दिल्ली-एनसीआर के लिए एक और राहत भरा दौर 21-13 मई के बीच आ सकता है। मौसम एजंसियों ने इस दौरान राहत भरी अच्छी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। स्काइमेट के मुताबिक मौसम से जुड़े मॉडल से मिल रहे संकेतों को अगर मानें तो 21 से 23 मई तक अच्छी प्री-मॉनसून बारिश दिल्ली को तर कर सकती है। लेकिन, दिल्ली-एनसीआर की यह राहत पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के लिए नहीं है। स्काइमेट के मुताबिक, राज्य में 17 मई से प्री-मॉनसूनी बारिश की उम्मीद है। लेकिन यह राहत भरी बौछारें राज्य के तराई क्षेत्रों में ही गिरेंगी जिससे दक्षिणी जिलों में चिलचिलाती धूप और लू के चलते गर्मी की तपन बनी रहेगी। सबसे बुरा हाल लखनऊ, बांदा और इलाहाबाद में हैं जहां रविवार को तापमान क्रमश: 44.7 डिग्री, 46.8 डिग्री, और 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी कुछ स्थानों पर लू जैसे हालत बने रहे।

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