Friday, April 19, 2024
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नहीं रहे आतंकवाद की कमर तोड़ने वाले ‘सुपरकॉप

SI News Today

पंजाब से आतंक का सफाया करने वाले राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक केपीएस गिल का 82 साल की उम्र में निधन हो गया। कार्डियक अरेस्ट के बाद शुक्रवार को केपीएस गिल ने अंतिम सांस ली। गिल को किडनी और हार्ट डिजीस (दिल संबंधी बीमारी) से जुड़ी समस्या का पता लगने के बाद दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद गिल को इंडियन हॉकी फेडरेशन का अध्यक्ष बनाया गया। गिल ने 1995 में पुलिस फोर्स से रिटायर हुए थे। इससे पहले वह दो बार पंजाब के पुलिस महानिदेशक बनाए गए थे। आईपीएस अधिकारी गिल 1988 से 1990 तक और फिर 1991 से 1995 में अपनी सेवानिवृति तक पंजाब के पुलिस प्रमुख रहे।

पंजाब में खालिस्तानी आंतकियों का खात्मा करने में गिल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। खालिस्तानी आतंकियों के सफाए के कारण ही उन्हें ‘सुपरकॉप’ के नाम से जाना जाता है। साल 1989 में प्रशासनिक सेवा के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए गिल को भारत के चौथे सबसे बड़े सिविल सम्मान ‘पद्म श्री’ से नवाजा गया था। गिल ने ही मई 1988 में ‘ऑपरेशन ब्लैक थंडर’ का नेतृत्व किया था। इस अभियान के तहत अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में छुपे उग्रवादियों को बाहर निकाला गया था। यह अभियान बेहद सफल रहा था, क्योंकि इस अभियान के दौरान 1984 के सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के मुकाबले गुरूद्वारे को बहुत कम नुकसान पहुंचा था। ऑपरेशन ब्लैक थंडर में करीब 67 सिखों ने आत्मसमर्पण किया था और 43 मारे गये थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सबसे लोकप्रिय पुलिस अधिकारियों में से एक के. पी. एस. गिल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए आज कहा कि पुलिसिंग और सुरक्षा के क्षेत्रों में उनकी देश सेवा को हमेशा याद किया जाएगा। असम की एक दिवसीय यात्रा पर गये मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘केपीएस गिल को पुलिसिंग और सुरक्षा क्षेत्र में उनकी देश सेवा के लिए याद किया जाएगा। उनके निधन से बहुत दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं।’’

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