Tuesday, April 16, 2024
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मायावती ने दी धमकी – बोलने नहीं दोगे तो इस्तीफा दे दूंगी

SI News Today

मानसून सत्र के दौरान मंगलवार (18 जुलाई) को राज्य सभा में जमकर हंगामा हुआ। बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने धमकी दी कि अगर उनको बोलने नहीं दिया जाएगा तो वह इस्तीफा दे देंगी। मायावती ने आरोप लगाया कि वह सहारनपुर में दलितों पर हुए अत्याचार की बात करना चाहती थीं लेकिन उनको बोलने नहीं दिया गया। इसपर हंगामे के बाद संसद को स्थगित भी कर दिया गया था। वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने मायावती पर आरोप लगाया कि उन्होंने सदन की कार्यवाही में बाधा डाली और सभापति का अपमान भी किया। नकवी ने कहा कि मायावती को इस सबके लिए माफी मांगनी चाहिए।

राज्यसभा में कार्यवाही के दौरान मायावती को बोलने के लिए दिया गया वक्त खत्म हो गया था। वह बोलने के लिए और वक्त चाहती थीं। लेकिन उनको बोलने नहीं दिया जा रहा था। इसपर मायावती ने कहा कि अगर आप मुझे बोलने नहीं देते तो मैं अभी इस्तीफा देती हूं। इसके बाद वह राज्य सभा से बाहर निकल गईं। फिलहाल वह सभापति से मिलने का इंतजार कर रही हैं। उसके बाद वह इस्तीफा दे सकती हैं।

आज मानसून सत्र का दूसरा दिन है। विपक्षी पार्टियों ने गौ रक्षा के नाम पर हो रही हिंसा, जम्मू कश्मीर में फैली अशांति और चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की थी। इसके लिए मीटिंग भी की गई थी।

क्या था मामला: उपसभापति पी जे कुरियन ने उन्हें अपनी बात तीन मिनट में खत्म करने को कहा। इस पर मायावती नाराज हो गयीं और कहा कि वह एक गंभीर मुद्दा उठा रही हैं जिसके लिए उन्हें अधिक समय चाहिए। कुरियन के रोकने पर उन्होंने यह भी कहा कि वह जिस समाज से संबंध रखती हैं, उस समाज से जुड़े मुद्दे उठाने से उन्हें कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा ‘‘अगर मैं दलितों के खिलाफ हो रही ज्यादतियों को लेकर अपनी बात ही सदन में नहीं रख सकती तो मुझे इस सदन में बने रहने का नैतिक अधिकार भी नहीं है।’’

उप सभापति ने कहा कि नियम 267 के तहत नोटिस देने पर ही वह चर्चा कर सकती हैं। इस नियम के तहत मुद्दे पर चर्चा के लिए अन्य कामकाज को स्थगित किया जाता है। अगर आसन सरकार की सलाह पर नोटिस स्वीकार कर ले और उस पर चर्चा के लिए सहमत हो जाए तब ही नियम 267 के तहत कामकाज निलंबित कर चर्चा की जा सकती है। कुरियन ने मायावती को समझाने की कोशिश की जो बेअसर रही। मायावती ने कहा कि अपने समुदाय के अधिकारों की रक्षा नहीं कर पाने पर उन्हें सदन में बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा ‘‘मैं सदन से इस्तीफा देने जा रही हूं।’’ यह कह कर वह सदन से चली गईं।

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