Thursday, June 20, 2024
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यूपी: कुंडा में हिरासत में सैकड़ों बजरंग दल कार्यकर्ता…

SI News Today

लखनऊ: प्रतापगढ़ के कुंडा में बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ के पिता राजा उदय प्रताप सिंह को नजरबंद करने के बाद माहौल में तनाव बढऩे लगा है। मोहर्रम के जुलूस के मार्ग पर हनुमान मंदिर पर भंडारा तथा सुंदर कांड का पाठ कराने रोकने के लिए प्रतापगढ़ के डीएम तथा एसपी कुंडा में डेरा डाले हैं। किसी अप्रिय घटना को निपटने को फोर्स तैयार है, इसी बीच बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता को हिरासत में लिया गया है।

प्रतापगढ़ में बाघराय थाना क्षेत्र के शेखपूर आशिक से बजरंगदल विहिप के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस उनको थाना बाघराय लाई हैं। जिसमें दुर्गावाहिनी की 25-30 बालिकाएं भी हैं। उधर जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर वहां के लोगों में आक्रोश है। उधर थाना बाघराय में हनुमान चालीसा पाठ जारी है। वहां पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

इससे पहले कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह को उनके महल में कल देर रात से नजरबंद किया गया है। वह हर वर्ष की भांति इस बार भी मोहर्रम पर भंडारा कराने की तैयारी में थे। प्रतापगढ़ के कुंडा में पूर्व मंत्री व विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह को प्रशासन ने नजरबंद कर लिया है। इस मौके पर भदरी राजमहल के बाहर जिलाधिकारी शंभु कुमार के साथ पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम भी कैंप लगाकर मौजूद है।

फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिससे किसी भी प्रकार के तनाव की स्थिति पैदा ना हो। मोहर्रम के दिन उदय प्रताप के भंडारा को लेकर प्रशासन सतर्क है। भंडारे पर लगाई रोक गई है । पुलिस ने शेखपुर हनुमान मंदिर पर प्रसाद चढ़ाने पहुंचे विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता को हिरासत में लिया।

डीएम और एसपी आज कुंडा में ही रहेंगे। यहां बिहार से भदरी जाने वाली सड़क पर भी भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। इलाहाबाद-लखनऊ हाइवे पर जो सड़क भदरी जा रही है उस पर भी बैरिकेटिंग कर आवागमन रोक दिया गया। भदरी किले के आस पास आने जाने वालों पर नजर रखने के लिए कई एसओ तैनात कर दिए गए। शेखपुर क्षेत्र में भंडारा आयोजन स्थल हनुमान मंदिर पर भी भारी फोर्स और पीएसी की तैनाती की गई है। भदरी नरेश राजा उदय प्रताप सिंह के लोग भंडारे की तैयारी करने में लगे हैं।

उधर डीएम ने ताजियादारों को आश्वस्त करते हुए उन्हें ताजिया निकालने की तैयारी करने के दिए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कोई नई परंपरा नहीं बनने दी जाएगी। इस मामले में राजा उदय प्रताप को न्यायालय से भी कोई राहत नहीं मिली है।

कुण्डा के शेखपुर में राजा उदय प्रताप सिंह ने कुछ वर्ष पहले ही भंडारे का आयोजन शुरू किया था। जबकि यहां से मोहर्रम पर ताजिये का जुलूस परंपरागत तरीके से निकलता रहा है। हनुमान जी के मंदिर पर यह भंडारा ऐन मोहर्रम के वक्त होता था जिसकी वजह से 2015 में यहां ताजिया ही नहीं उठ पाया था। यह देखते हुए वर्ष 2016 में प्रशासन ने यह भंडारा नहीं होने दिया था, और पूरे इलाके में विरोध में ताजिया नहीं उठा था, इस बार जिला प्रशासन ने भी यही निर्णय बरकरार रखा है।

यहां कुंडा कोतवाली इलाके के शेखपुर गांव में मोहरर्म के दिन ही भण्डारे का आयोजन होता है। इस भंडारे तथा सुंदर कांड पाठ का आयोजन रघुराज प्रताप सिंह के पिता राजा उदय प्रताप सिंह कराते हैं। इस बार प्रशासन ने काफी एहतियात बरता है। किसी भी प्रकार के बवाल से बचने के लिए जिला प्रशासन ने राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह को नजरबंद किया है। राजा भैया के पिता आज शाम सात बजे तक अपने घर में नजरबंद रहेंगे।

पूर्व मंत्री के पिता आज मुहर्रम के ताजिये के रास्ते में पडऩे वाले मंदिर पर भंडारा कराने वाले थे। इसी कारण पुलिस ने राजा भैया के पिता को नजरबंद कर लिया है। कल ही कुंडा में डीएम और एसपी ने इलाके में कैम्प लगाकर कार्यवाई शुरू कर दी थी। प्रशासन ने यह कदम किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए उठाया है। प्रशासन नहीं चाहता कि मुहर्रम के समय किसी तरह की घटना से कानून व्यवस्था बिगड़े।

डीएम शम्भू कुमार ने भंडारे को नहीं करने को कहा था क्योंकि दो दिन पहले प्रशासन ने बकायदे अधिकारियों के साथ मीटिंग कर भंडारा रोकने का आदेश दे दिया था। फिर भी भदरी नरेश मानने को तैयार नहीं थे और तो और विश्व हिंदू परिषद भी भंडारे कराने के लिए इस मामले में कूद गया था और भंडारे की तैयारी चल रही थी।

क्या है मामला
कुंडा कोतवाली के शेखपुर आशिक में वर्षो पहले मोहर्रम के दिन एक लंगूर बंदर की मौत हो गई थी। जिसके बाद से वहां पर लखनऊ- इलाहाबाद हाइवे के किनारे एक हनुमान मंदिर का निर्माण कराया गया था। विगत कई वर्ष से यहां राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह हनुमान चालीसा का पाठ और मोहर्रम के दिन भंडारा का कार्यक्रम आयोजित करवाते हैं। जबकि इसी रास्ते परम्परागत रूप से मोहर्रम का ताजिया भी निकलता है जिनके चलते यहा तनाव की स्थिति बन जाती है।

इसी तनाव के चलते 2015 में यहां के ताजियेदारों ने ताजिया नहीं निकाला था। वहां पर काफी मनमनौवल के बाद तीन दिन बाद ताजिया उठ सका था। इसके बाद 2016 में सरकार के चलते प्रशासन किसी तरह ताजिया निकलवाने और भंडारे पर रोक लगाने में कामयाब हो सका था।

शेखपुर आशिक गांव में मोहर्रम की दसवीं पर एक लंगूर बंदर को मार डालने के बाद राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक हनुमान मंदिर का निर्माण किया गया। इसके बाद से वहां मोहर्रम की दसवीं पर ही हनुमान चालीसा का पाठ और भंडारा आयोजित होने लगा।

इस बार हाईकोर्ट ने मोहर्रम के जुलूस के रास्ते में भंडारा आयोजित करने पर रोक लगाई तो एसडीएम कुंडा ने इसकी नोटिस आयोजकों को भेज दी। इसके बाद भी भंडारा आयोजन के लिए लोग सक्रिय दिखे तो एसडीएम ने राजा भैया के पिता और उनके पांच साथियों को मोहर्रम की दसवीं पर भंडारा स्थल पहुंचने से रोकने के लिए घर में ही नजरबंद कर दिया। कल शाम सात बजे तक उन्हें नजरबंद करने का पूरा प्रयास किया गया है।

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