Friday, April 19, 2024
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एक नजर में जानें योगी के पिटारे से किसके लिये क्या निकला

SI News Today

लखनऊ: अपने पहले बजट में भाजपा सरकार ने नई योजनाओं पर जोर दिया है। सरकार ने नई योजनाओं के लिए सपा सरकार के पिछले बजट की तुलना में चार गुना अधिक बजट का प्रावधान किया है। योगी सरकार ने 55781.96 करोड़ रुपये की नई योजनाएं रखी हैं। जबकि सपा सरकार ने गत वर्ष 13842 करोड़ रुपये का प्रावधान नई योजनाओं के लिए किया था। इससे पहले 2015-16 के बजट में 9388 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।

नई योजनाओं के लिए प्रावधान
2017-18 – 55781.96 करोड़ (योगी सरकार)
2016-17 – 13842 करोड़ (अखिलेश सरकार)
नई योजनाएं
कृषि विभाग
-लघु एवं सीमांत किसानों के फसली ऋण का भुगतान -32399 करोड़
-दीन दयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना- 10 करोड़
-श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन- 213.60 करोड़
-मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना- 15 करोड़
-गौशाला आयोग को अनुदान- 10 करोड़

आवास विभाग
-आगरा एवं गोरखपुर में मेट्रो रेल परियोजना के लिए अंशपूंजी के रूप में-20 करोड़
-संस्कृति स्कूल लखनऊ के लिए 2.22 करोड़
उद्योग विभाग
-विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना- 10 करोड़
-पं. दीन दयाल ग्र्रामोद्योग रोजगार योजना-9 करोड़ 99 लाख
-सिंगल विंडो क्लियरेंस सेल -35 करोड़

खेल विभाग
-पं.दीन दयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर खेल प्रतियोगताएं -1.85 करोड़
गन्ना विकास विभाग
-सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए- 250 करोड़
-बंद चीनी मिल मुंडेरवा (बस्ती) शुरू करने के लिए -270 करोड़
-बंद चीनी मिल पिपराइच (गोरखपुर) शुरू करने के लिए- 273 करोड़
-सहकारी चीनी मिल रमाला की पेराई क्षमता बढ़ाने के लिए 84 करोड़

नगर विकास विभाग
-कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना-40 करोड़
-मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना-225 करोड़
-प्रधानमंत्री आवास योजना -सबके लिए आवास (शहरी) मिशन-2342 करोड़
-दीन दयाल अंत्योदय योजना (राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन)- 164 करोड़
-अर्धकुंभ मेला निर्माण कार्य-500 करोड़

न्याय विभाग
– महिला उत्पीडऩ से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए 100 एडीजे न्यायालयों का निर्माण-20 करोड़
-जनपद न्यायालय, वाराणसी के नवीन परिसर के निर्माण के लिए-250 करोड़

पर्यटन विभाग
-रामायण कान्क्लेव – 3 करोड़
-अयोध्या, वाराणसी एवं मथुरा में परिपथ और सर्किट विकास- 1200 करोड़
-प्रासाद योजना के तहत पर्यटन अवस्थापनाएं- 800 करोड़
-विंध्याचल का पर्यटन विकास-10 करोड़
-वाराणसी में सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना-200 करोड़

महिला एवं बाल कल्याण
-शबरी संकल्प अभियान -262 करोड़
राजस्व विभाग
-लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को स्मार्ट फोन के लिए-29 करोड़
लोक निर्माण विभाग
-पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए -200 करोड़
-बुंदेलखंड की विशेष योजनाओं के लिए 140 करोड़
-केंद्रीय सड़क निधि से मार्गों के चौड़ीकरण के लिए- 6000 करोड़
-उत्तर प्रदेश राज्य सड़क विकास निगम की स्थापना के लिए -50 करोड़

व्यावसायिक शिक्षा विभाग
-कौशल विकास मिशन के लिए- 52 करोड़
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
पं. दीन दयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना-30 करोड़
प्राथमिक शिक्षा
-कक्षा एक से आठ तक छात्र-छात्राओं को जूता-मोजा स्वेटर के लिए -300 करोड़
माध्यमिक शिक्षा
पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल कालेज-25 करोड़

उच्च शिक्षा
-विश्वविद्यालयों में पं. दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ के लिए-9 करोड़
-अहिल्या बाई कन्या नि:शुल्क शिक्षा योजना के लिए -21 करोड़
-विश्वविद्यालयों-कालेजों में वाईफाई के लिए- 50 करोड़

समाज कल्याण विभाग
-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना-250 करोड़
-मुख्यमंत्री मलिन बस्ती विकास योजना-160 करोड़
-प्रधानमंत्री आवास योजना- सबके लिए आवास शहरी मिशन- 600 करोड़
-लघु एवं सीमांत किसान के फसली ऋण का भुगतान (अनुसूचित जाति के लिए विशेष घटक

योजना-3600 करोड़
-पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए -100 करोड़
– बुंदेलखंड की विशेष योजनाओं के लिए-60 करोड़
-पं. दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत निकायों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए

ब्याज रहित ऋण -63 करोड़
बाढ़ नियंत्रण
-बाढ़ नियंत्रण एवं जलनिकासी की विभिन्न योजनाओं के लिए 165 करोड़

बजट एक नजर में

– वर्ष 2017-18 के बजट का आकार 3,84,659.71 करोड़ रुपये। वर्ष 2016-17 की तुलना में 10.9 प्रतिशत की वृद्धि।

– राज्य के स्वयं के कर राजस्व में वर्ष 2016-17 की तुलना में 10 फीसद की बढ़ोत्तरी।

– वित्तीय वर्ष 2017-18 में जीएसटी व वैट से 65 हजार करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य। पिछले वर्ष के वाणिज्य कर प्राप्ति के अनुमान से 12.18 फीसद ज्यादा।

– आबकारी शुल्क से 20,593.23 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान। 2016-17 से 6.98 प्रतिशत ज्यादा।

– वर्ष 2017-18 के बजट में 55,781.96 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शामिल। पिछले साल के मुकाबले 303 फीसद अधिक।

– राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 2.97 फीसद

– राज्य की ऋणग्रस्तता सकल राज्य घरेलू उत्पाद की 28.6 प्रतिशत अनुमानित

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