Sunday, April 14, 2024
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ऐसा है महिलाओं का दर्द, तलाक से परेशान महिलाये

SI News Today

लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट में ट्रिपल तलाक केस को लेकर जारी सुनवाई में केंद्र सरकार ने सवाल उठाया कि अगर 25 देशों में तीन तलाक का सिस्टम नहीं है तो इसे इस्लाम का अहम हिस्सा नहीं कहा जा सकता। यूपी चुनाव 2017 के दौरान बीजेपी ने ट्रिपल तलाक को मुद्दा बनाया था। पिछले तीन महनों से यूपी में कई ट्रिपल तलाक के केस सामने आए। किसी ने फोन तो किसी ने पोस्ट से तलाक दे दिया। पति बोला- तेरी कोख में बेटी ही होगी और दे दिया तलाक…
– मामला सहारनपुर से सामने आया। नानौता कस्बे के मोहल्ला कानूनगोयान निवासी विवाहिता शगुफ्ता का 2012 में गंगोह निवासी शमशाद से निकाह हुआ था। शादी के पांच सालों में दो बेटियां पैदा होने के बाद इस साल शगुफ्ता फिर से प्रेग्नेंट हुई। उसके पति को शक था कि इस बार भी वो बेटी ही पैदा करेगी। इसी बात पर पहले उसे प्रताड़ित किया, अबॉर्शन करवाने की कोशिश की, नहीं मानी तो उसे तीन बार तलाक बोलकर रिश्ता खत्म कर लिया।
– पुलिस के सामने शगुफ्ता ने बताया था, “उस दिन इन्होंने मेरे साथ बहुत मारपीट की। मेरे पेट पर लात मार रहे थे कि मेरा गर्भपात हो जाए। नाकाम हुए तो मुझे तीन बार तलाक कहकर घर से बाहर निकाल दिया। बाहर आते ही मैं बेहोश हो गई। होश में आने पर किसी राहगीर से फोन लेकर परिजनों को मैंने खबर दी।”

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