Thursday, February 29, 2024
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कपड़े सि‍लते हैं इस क्रिकेटर के पिता, जानिए…

SI News Today

लखनऊ: राजधानी के इकाना इंटरनेशनल स्टेडियम में शुक्रवार से रणजी मैच शुरू हो रहा है। इस मैच के लिए लखनऊ के जीशान अंसारी सहित पहली बार एक साथ 4 लड़कों का लखनऊ से सिलेक्शन हुआ है। जीशान अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। जीशान और उनकी फैमिली की बातचीत।

टेलर हैं प‍िता, क्रिकेट की कोचिंग लिए नहीं थे 300 रुपए
– जीशान के पिता नईम की लखनऊ में टेलर की दुकान है। उन्होंने ”जीशान का बचपन से ही खेल में मन लगता था। था। हालांकि, मैं चाहता था कि वह जिंदगी में कुछ हुनर सीख ले, जो जिंदगी भर साथ रहे।”

– ”दुकान पर आने वाले कुछ खिलाड़ियों ने मुझे बच्चे को गेम में ही भेजने को प्रेरित किया। इसके बाद मैं जीशान को लेकर एलडीए एकेडेमी पहुंचा। यहां उस समय हर महीने की 300 रुपए फीस थी। इतने पैसे भी हमारे पास नहीं थी। तब एकेडेमी के कोच गोपाल सिंह ने जीशान को फ्री कोचिंग देने का ऑफर दिया।”

– ”हालात यह थे कि हम उसके लिए खेलने के लिए जरूरी सामान जूते और किट नहीं खरीद सकते थे, लेकिन हमारे खिलाड़ी दोस्तों और एकेडेमी के कोच ने मदद की और हमारा बेटा अब नाम रोशन कर रहा है।”

रिश्तेदार कहते थे- औकात से बड़ा सपना देख रहे हो
– ”दस साल पहले जब मैंने जीशान को क्रिकेट खेलने के लिए एकेडेमी में भेजना शुरू किया तो रिश्तेदार कहते थे कि औकात से बड़ा सपना देख रहे हो।”

– ”एक बार मुझे भी लगा कि जीशान को दुकान पर ही बैठाऊं, लेकिन उसकी मेहनत देखकर मैंने उसे उसका भविष्य खुद बनाने को छोड़ दिया और कभी भी उसके मामलो में दखल नहीं दिया।”

चाचा का है लाइफ में अहम रोल, पहली मैच फीस लाकर चाचा को दिया था
– जीशान ने बताया, ”मेरी लाइफ में चाचा ग्यास का अहम रोल है। चाचा ग्यास पापा के साथ दुकान पर ही बैठते हैं, लेकिन वह समय निकाल कर मुझे एकेडेमी ले जाते थे और साथ ही ले भी आते थे।”

– ”चाचा चाहते थे कि मैं फुटबॉल खेलूं। मैंने शुरू में खेला भी, लेकिन मेरा मन क्रिकेट में ही लगता था। इसलिए फिर उन्होंने मुझे क्रिकेट के लिए मना नहीं किया।”

– चाचा मो. ग्यास ने बताया, ”मैं घंटों एकेडेमी में जीशान को खेलते हुए देखा करता था। जब जीशान ने एकेडेमी की तरफ से पहला टूर्नामेंट खेला तो जीत पर मिले एक हजार का चेक मेरे हाथों में लाकर दिया।

उस खुशी का मैं इजहार नहीं कर सकता।”
– ”इसके बाद दौर चल पड़ा कई कप भी आए। जब अंडर 19 वर्ल्ड कप खेला तो उसकी फीस ढाई लाख का चेक लाकर भी मुझे ही दिया।”

10 घंटे ग्राउंड पर प्रैक्टिस करता था, द्रविड़ से मिलना यादगार रहा
– जीशान ने बताया, ”मैंने दस-दस घंटे ग्राउंड पर सुबह शाम प्रैक्टिस की है। बेसिकली लेग स्पिनर हूं और इसके लिए मुझे कोच गोपाल सिंह ने मोटिवेट किया।”

– ”जब भी बड़ा मैच होता है तो गोपाल सर की देख-रेख में 40 से 50 ओवर डेली फेंकता हूं।”
– ”शेनवार्न मेरे आइडियल हैं। सचिन, धोनी और विराट का फैन तो हूं, लेकिन वह बैट्समैन हैं।”
– ”मेरा बैकग्राउंड थोड़ा वीक है, लेकिन पापा और चाचा ने मुझे कभी महसूस नहीं होने दिया।”
– ”मेरे फैमिली मेम्बर्स काफी शांत स्वभाव के हैं। जब मैं टूर पर होता हूं तो कभी-कभी मुझे फोन करते हैं। मेरा कोई खास दोस्त भी नहीं है।”

– ”जब मैं अंडर 19 वर्ल्ड कप खेल रहा था तब राहुल द्रविड़ कोच कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि जिंदगी में कुछ बनना है तो पहले अच्छे इंसान बनो। साथ ही उस समय सबने मिलकर मेरा बर्थडे मनाया था। उस दिन को मैं भूल नहीं सकता।”

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