Saturday, April 13, 2024
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गांवों में ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचाने में यूपी सबसे आगे

SI News Today

लखनऊ. भारत नेट प्रोजेक्ट अब तेजी से स्पीड पकड़ रहा है। नई जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत गांव-गांव में ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचाने में देश के अन्य राज्यों के मुकाबले यूपी सबसे आगे है। वहीं, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र दूसरे व तीसरे नंबर पर हैं। इन तीनों राज्यों में सबसे तेजी से ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का जाल पहुंचा है। बता दें, भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत मोदी सरकार देश के 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को साल 2019 तक ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ना चाहती है। क्या है अलग-अलग राज्यों का हाल…

– भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (BBNL) से मिली जानकारी के मुताबिक, 4 जून तक 91 हजार ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है। इसमें से सबसे ज्यादा यूपी की करीब 22 हजार ग्राम पंचायतें हैं।

– इसके बाद मध्य प्रदेश के 11 हजार और महाराष्ट्र के 10 हजार 900 से ज्यादा ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर केबल पहुंचाने का काम पूरा हो चुका है।

ये हैं टॉप 5 राज्य
राज्य    ग्राम पंचायत
यूपी    21872
मध्य प्रदेश    11119
महाराष्ट्र    10967
राजस्थान    6240
कर्नाटक    5733

क्या है भारत नेट प्रोजेक्ट?
– नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क प्रोजेक्ट के जरिए सरकार हर ग्राम पंचायत में मिनिमम 100 MBPS स्पीड से ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाना चाहती है। इसके जरिए ई-सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा सकेगा।

– इस कदम से मनरेगा से जुड़ी सेवाओं से लेकर, लैंड रिकॉर्ड, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और ई-कॉमर्स सेवाओं का विस्तार तेजी से ग्रामीण इलाकों तक हो सकेगा।

तीन कंपनियों को मिला है प्रोजेक्ट
– ब्रॉडबैंड नेटवर्क बिछाने का काम तीन कंपनियों बीएसएनएल, रेलटेल और पीजीसीआईएल को मिला है। अभी तक बीएसएनएल 17 राज्यों में 78 हजार 734 ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाने का काम कर चुकी है।

– वहीं, रेलटेल 6096 और पीजीसीआईएल 6621 ग्राम पंचायतों में नेटवर्क बिछा चुकी है।
फुल कनेक्टिविटी अभी टारगेट से पीछे

– हालांकि, ग्राम पंचायतों में फुल कनेक्टिविटी पहुंचाने के मामले में अभी भारत नेट प्रोजेक्ट काफी पीछे चल रहा है। इसी वजह से प्रोजेक्ट को रिवाइज भी किया गया है।

– प्लान के मुताबिक, साल 2016 तक एक लाख ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी ऑपरेशनल हो जानी चाहिए थी। नई जानकारी के मुताबिक, अभी तक 20 हजार के ग्राम पंचायतों में ही फुल कनेक्टिविटी पहुंच पाई है।

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