Saturday, May 25, 2024
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‘गाडिय़ों में बैठकर वसूली करते थे पुलिस अफसर

SI News Today

लखनऊ: विधानसभा में मंत्रियों और सत्ता पक्ष के विधायकों ने बजट 2017-18 की सराहना तो कम की लेकिन, विपक्ष और पिछली सरकारों पर हमले खूब किए। नेता प्रतिपक्ष और सपा मुखिया से लेकर नेता बसपा पर तंज कसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि ‘सरकार हनक और इकबाल से चलती है। पिछली सरकार में जो गाडिय़ां खरीदी गईं उसमें बैठकर पुलिस अफसर दलाली और वसूली करते थे।

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने गुरुवार को बजट सत्र पर चर्चा के दौरान पूर्ववर्ती सरकार में खरीदी गईं गाडिय़ों का जिक्र करते हुए मौजूदा सरकार की कानून-व्यवस्था पर तंज कसते हुए कई गंभीर सवाल उठाए थे। महाना के लिए यह मौका था मगर, जिस समय वह बोल रहे थे सदन में चौधरी मौजूद नहीं थे। अधिकांश विपक्षी सदस्यों की नामौजूदगी में महाना ने कहा – सामने कोई बैठा हो तो बात करने में ठीक रहता है। फिर उन्होंने ‘सदमा फिल्म की याद दिलाते हुए कहा कि विपक्ष को चुनाव हारने का इतना सदमा लगा है कि बजट चर्चा में पिछली सरकार की बदहाली का प्रलाप करने लगे हैं।

महाना तो महाना, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी नहीं चूके। मौर्य ने कहा कि ‘जैसे गधे की सींग गायब होती है, वैसे ही समूचा विपक्ष सदन से गायब है। नेता प्रतिपक्ष ने बजट पर झूठी बातें रखीं और अब मुंह दिखाने लायक नहीं हैं, इसीलिए प्रायश्चित करने सदन से बाहर चले गए। बसपा दल के उपनेता उमाशंकर सिंह ने हस्तक्षेप किया और बोले कि वे अध्यक्ष से अनुमति लेकर राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार के कार्यक्रम में अपने विधायकों के साथ गए हैं। महाना ने बिना नाम लिए पिछली सरकार के मुखिया के एक रिश्तेदार मंत्री के भ्रष्टाचार की बात उठाई। कहा- ‘मुखिया ने खुद बताया था कि मैंने मंत्री के घपलों की जांच नहीं कराई। महाना का कहना था कि यह जनता के साथ छल है।

मिशन की दुहाई देकर बाबा साहब की नीलामी
स्वामी प्रसाद मौर्य मोदी-योगी का गुणगान करते नहीं थके। पिछली सपा सरकार पर आक्रामक हुए तो आजम खान की भैंस चोरी से लेकर कई प्रसंग सुनाए। सपा सरकार में जान-पहचान और रिश्तेदारों को लैपटॉप बांटने, अपराधियों पर कार्रवाई की बजाय अपने बगल में बैठाकर दावत खिलाने और कई बार संवैधानिक संकट के भी किस्से सुनाए। कहा, एमएलसी की सूची में अपराधियों का नाम देखकर राज्यपाल को वापस करना पड़ा था।

मौर्य इतने पर ही नहीं रुके। वह बसपा पर भी हमलावर हो गए। कहा – ‘लालजी वर्मा हमारे साथी हैं लेकिन, भ्रष्टाचार के मकडज़ाल से निकल नहीं सके। भ्रष्टाचार में हमारे साथ के दर्जन भर मंत्री जेल की हवा खा आए।फिर बसपा प्रमुख को लक्ष्य करते हुए बोले – ‘हमने ऐसा नेता नहीं देखा जो महापुरुषों की प्रतिमाओं में घोटाला करे और मिशन की दुहाई देकर बाबा साहब को ही चौराहे पर नीलाम कर दे।

देवरिया में रहे बीएसए की करतूत बताई
मौर्य ने बसपा के लालजी वर्मा व सुखदेव राजभर और कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू की भी चुटकी ली। पिछली सरकार में देवरिया में एक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की करतूत बताई। कहा कि भ्रष्टाचार में डूबे बीएसए को हटाने के लिए मंत्री से कहा गया तो पता चला कि उस पर तो ऊपर वालों का हाथ है। उसे पिछली सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री हटा नहीं पाए लेकिन, हमारी सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। भाजपा के पंकज सिंह ने बजट की खूब सराहना की लेकिन, वह भी विपक्ष की खिंचाई से नहीं चूके।

कहा, विपक्ष मानसिक स्थिति ठीक रखकर बजट को समझे तो सब ठीक दिखेगा। विपक्ष का माइंडसेट नहीं है। बजट सत्र में भारतीय समाज पार्टी के कैलाश सोनकर, भाजपा के शीतल पाण्डेय, शुचिष्मिता मौर्य, संजय गुप्ता, सुरेंद्र सिंह, मनीष असीजा, प्रदीप चौधरी ने बजट और सरकार के प्रयासों की सराहना की तो सपा के संग्राम सिंह यादव, बसपा के अनिल सिंह, बसपा के हरगोविंद भार्गव आदि ने बजट को जनविरोधी करार दिया।

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