Friday, April 19, 2024
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मीरा कुमार ने कहा मैं यूपी के कानपुर की बेटी, और उत्तर प्रदेश से मेरा गहरा नाता है

SI News Today

लखनऊ: राष्ट्रपति पद की विपक्ष की उम्मीदवार मीराकुमार ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि यहां जाति व्यवस्था है और इसने कई वर्ग के लोगों का मनोबल तोड़ दिया है। फिर से मनुवादी व्यवस्था थोपने की कोशिश की जा रही है। मीराकुमार ने शुक्रवार को यहां बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की और अंतरात्मा की आवाज पर अपने लिए वोट मांगे।

प्रदेश कांग्र्रेस अध्यक्ष राजबब्बर के साथ उत्तराखंड से यहां पहुंची मीरा कुमार ने अपनी उम्मीदवारी को विचारधारा की लड़ाई करार दिया। प्रदेश कांग्र्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि हम जातिविहीन समाज बनाएं। यह बहुभाषी देश है जिसका एक सुर में रहना जरूरी है। सर्व धर्म समभाव की भावना सबको एक सुर में बांधे हुए है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा कि देश में तीन साल और इस प्रदेश में तीन महीने से साफ है कि इस विचारधारा को नष्ट किया जा रहा है। सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। विपक्षी दलों ने इसीलिए एकजुट होकर विचारधारा की लड़ाई लडऩे का फैसला किया और मुझे उम्मीदवार बनाया।

एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य ही है कि हम 21वीं सदी में जी रहे हैं लेकिन, कोंविंद क्योंकि दलित हैं और इसीलिए उनकी पहचान की जाती है। उन्होंने कहा कि बसपा, सपा, रालोद और कांग्र्रेस के सभी विधायकों और सांसदों ने उन्हें समर्थन दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या आप मुलायम सिंह यादव से मिलीं हैं, उन्होंने कहा कि नहीं।

इससे पहले मीराकुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। यहीं से उन्होंने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की है। पहला लोकसभा चुनाव 1985 में उन्होंने बिजनौर से लड़ा था। उन्होंने बताया कि कानपुर शहर में उनकी ननिहाल रही है। इसलिए यहां आकर उन्हें बहुत खुशी होती है। इस दौरान कांग्र्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, सांसद प्रमोद तिवारी, कांग्र्रेस महासचिव शकील अहमद, पीएल पुनिया, दिनेश कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।

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