Friday, April 19, 2024
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यूपी सरकार ने छेड़ा अवैध शराब के खिलाफ अभियान

SI News Today

लखनऊ: आजमगढ़ के जहरीली शराब कांड से उत्तर प्रदेश सरकार और आबकारी महकमे में खलबली मच गई है। अब पूरे राज्य में अवैध शराब बनाने और बेचने पर सख्त पाबंदी के लिए सरकार ने एक सप्ताह का विशेष अभियान रविवार से छेड़ दिया है। 14 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में सभी जिलों में विशेष टीमें देशी-विदेशी मदिरा की दुकानों की पड़ताल के साथ हाईवे किनारे ढाबों की निगरानी की जा रही है। छापेमारी और धरपकड़ में भारी मात्रा में अवैध शराब पकड़ी गई और कई लोगों को गिरफ्तार किया है। समझा जाता है कि हाईवे किनारे दुकानें हटने के बाद ढाबों से शराब का कारोबार संचालन के हालात बनने लगे हैं।

सीतापुर में दस और लखीमपुर में चार गिरफ्तार

लखीमपुर की भीरा पुलिस ने अभियान चलाकर 120 लीटर अवैध शराब व शराब बनाने के उपकरण बरामद किए और इस धंधे से लगे चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सभी को जेल भेज दिया गया है। सीतापुर में 105 लीटर शराब के साथ दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बड़ी संख्या में शराब व शराब बनाने के उपकरण भी बरामद किए गए हैं। निगरानी व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

कैसे चलेगा अभियान

आबकारी आयुक्त धीरज साहू ने सभी जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को भजे निर्देश में कहा है कि अभियान का नोडल अधिकारी अपर जिला मजिस्ट्रेट व अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को बनाया जाए जो हर दिन प्रगति जांचे। जोन के संयुक्त आबकारी आयुक्त हर जिले की आबकारी विभाग की टीम का गठन करेंगे, जिसमें सहायक आबकारी आयुक्त स्तर का कम से कम एक अधिकारी हो उसमें राजस्व व पुलिस टीम का भी अधिकारी नामित किया जाए। जोन स्तर पर विभागीय अधिकारियों की बैठक करके कार्रवाई की रणनीति बनेगी। इसमें अवैध शराब बनाने व बिक्री करने के अड्डों को चिह्नित करने के बाद ही अभियान शुरू हो। यह कार्य कनिष्ठ कार्मिकों पर कतई न छोड़ा जाए। लाइसेंसी दुकानों की छापेमारी में यह जरूर देखा जाएगा कि नकली होलोग्राम लगी मदिरा तो नहीं बेची जा रही है। सड़क किनारे ढाबों पर अक्सर मिथाइल अल्कोहल के टैंकर रुकते हैं, ऐसे स्थानों की विशेष निगरानी की जाएगी। कार्रवाई की दैनिक सूचना आबकारी आयुक्त मुख्यालय को ई-मेल के जरिये भेजी जाएगी। इसकी समीक्षा मुख्यालय स्तर पर होगी।

विभाग लौटाएगा लाइसेंस फीस

आबकारी विभाग प्रदेश में हाईवे से हटाई गई शराब की 1070 दुकानों की लाइसेंस फीस वापस करने की तैयारी में है। इन दुकानदारों को दुकान खोलने के लिए कहीं और जगह नहीं मिली है और दुकानदारों ने विभाग से लाइसेंस फीस वापस करने की मांग की है। आबकारी विभाग भी इन दुकानों की लाइसेंस फीस वापस करने की तैयारी में जुट गया है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक फीस वापस करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दुकानों को नया स्थान न मिलने से आबकारी विभाग को दोहरा नुकसान होगा। करोड़ों रुपये लाइसेंस फीस वापस करने के साथ ही विभाग को राजस्व का भी नुकसान होगा।

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