Monday, February 26, 2024
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लखनऊ में रैनसमवेयर वायरस अटैक का पहला केस, BBAU प्रोफेसर से मांगी 120 डॉलर फ‍िरौती

SI News Today

लखनऊ. राजधानी के डॉ. भीम राव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी (बीबीएयू) के बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रो. एमवाई खान के लैपटॉप पर रैनसमवेयर वायरस अटैक का पहला केस सामने आया है। उनके लैपटॉप की सभी फाइल्स करप्ट हो गई हैं। उनसे 120 डॉलर की फिरौती मांगी गई है। पैसे न देने पर लैपटॉप में पड़ी सभी फाइलों को नष्ट करने की धमकी दी गई है। इस मामले के सामने आने के बाद से यूनिवर्सिटी कैंपस में हड़कंप मच गया है। .

13 मई को उन्होंने यूनिवर्सिटी के कुछ जरूरी काम करने के लिए सुबह 10:30 बजे अपना लैपटॉप खोला। पेन ड्राइव से कुछ जरूरी फाइलें अपने लैपटॉप पर ट्रांसफर करने की कोशिश की। लैपटॉप में पेन ड्राइव लगाते ही उसमें वायरस शो करने लगा।
-लैपटॉप में विंडो एक्सपी और क्विक हिल एंटीवायरस पड़ा था। एंटीवायरस काफी टाइम से अपडेट नहीं था। नेट कनेक्ट करके उसे अपडेट करने लगा, तभी सभी फाइलें जहां थी, वहीं रुक गई। कोई फाइल नहीं खुल रही थी। कर्सर भी काम नहीं कर रहा था। 15 मिनट तक ऐसा ही रहा। लैपटॉप में कोई भी बटन काम नहीं कर रहा था, जो फाइलें जहां थी वहीं रुक गई।
-उसके बाद सोचा कि एक बार लैपटॉप ऑन ऑफ करने से शायद ये चल जाए, इसलिए उसे रिस्टार्ट कर दिया। लैपटॉप तो ऑन हो गया, लेकिन फिर से कोई भी बटन क्लिक नहीं हो रहा था।
-तभी लैपटॉप पे एक मैसेज आया, ज‍िसमें लिखा था कि 3 दिन के अंदर वीद क्वाइन (इन्टरनेट करेंसी) से 120 डॉलर पेमेंट करो, नहीं तो ये रकम दोगुनी कर दी जाएगी। एक हफ्ते तक ये रकम नहीं देने पर लैपटॉप की सभी फाइलें करप्ट कर दी जाएगी। मैसेज पढ़कर मैं डर गया और उसके बाद मैंने फौरन अपने लैपटॉप को बंद करके रख दिया।
-प्रो. खान के मुताबिक, उनके लैपटॉप में कई महत्वपूर्ण फाइलें थीं। यदि ये करप्ट हो जाती तो उन्हें लाखों रुपए का चुना लग सकता था। वे अपने महत्वपूर्ण फाइलों को बैकअप बनाकर रखते थे। जब उनके लैपटॉप में सभी फाइलें लॉक हो गईं तो उन्होंने अपने यूनिवर्सिटी के आईटी एक्सपर्ट को पूरी बात बताई।
-आईटी एक्सपर्ट ने लैपटॉप को फिर से फॉरमेट किया और नया सॉफ्टवेयर अपलोड किया। उसे इस काम को करने में 4 घंटे से ज्यादा का समय लगा। इस तरह उनका लाखों रुपए का चुना लगने से बच गया।

बीबीएयू कैंपस में अलर्ट
-बीबीएयू कैंपस में साइबर अटैक का पहला केस सामने आने के बाद से टीचर्स और स्टाफ में हड़कंप मच गया है। लोग प्रो. एमवाई खान से मामले की जानकारी लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
-उधर, यूनिवर्सिटी ने अपने सभी टीचर्स और स्टाफ को कंप्यूटर और लैपटॉप पर काम करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। यूनिवर्सिटी में साइबर अटैक को लेकर एक अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।
-स्टेट इंफॉर्मेटिक्स ऑफिसर सौरभ गुप्ता के मुताबिक, साइबर अटैक को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसको लेकर सभी डिस्ट्रिक्ट को एक एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है। अलर्ट के तौर पर 445 पोर्ट को बंद कर दिया गया है। अभी तक जानकारी में किसी भी डिस्ट्रिक्ट में कोई प्रोब्लम नहीं आई है।

क्या होता है रैनसमवेयर साइबर अटैक
– आमतौर पर कई मालवेयर, जिन्हें हम अक्सर वायरस कहते हैं, आपके कंप्यूटर में गलत तरीके से घुस जाते हैं। इनका उद्देश्य या तो आपके कंप्यूटर के डाटा को चुराना होता है या फिर उसे मिटाना।
– रैनसमवेयर आपके सिस्टम में आकर आपके डाटा को ‘इनक्रिप्ट’ यानी लॉक कर देता है। यूजर तब तक इसमें मौजूद डेटा तक नहीं पहुंच पाता, जब तक कि वह इसे ‘अनलॉक’ करने के लिए रैनसम यानी फिरौती नहीं देता। ये मालवेयर ईमेल के जरिए फैलता है।
इस तरह कर सकते हैं बचाव
-अगर आप पुराने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे XP 8 या विस्टा का उपयोग कर रहे हों तो उसे अपडेट कर लें। माइक्रोसॉफ्ट ने विशेष सिक्युरिटी पैच जारी किए हैं।
-सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह के ईमेल के साथ आने वाले रार, जीप या इस तरह के कंप्रेश फाइल को खोलने से पहले सुनिश्चित कर लें कि यह सही है या नहीं।
-अनजाने मेल या लॉटरी से संबंधित मेल को किसी भी तरह खोलने की कोशिश न करें।
-अपने सिस्टम में एंटी वायरस, एंटी फिशिंग, एंटी मालवेयर को तत्काल अपडेट कर लें।

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