Tuesday, April 16, 2024
featuredलखनऊ

2 महीने में शुरू हो जाएगी डेंटल सर्जनों के भर्ती की प्रक्रिया

SI News Today

लखनऊ.प्रदेश में डेंटल सर्जनों की भर्ती प्रक्रिया दो महीने में शुरू कर दी जाएगी। प्रमुख सचिव चिकित्सा और परिवार कल्याण अरुण सिन्हा ने यह आश्वासन हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष दिया है। न्यायालय के इस संबंध में पूर्व के आदेश का अनुपालन न होने पर वीरेंद्र कुमार यादव की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने प्रमुख सचिव को तलब किया था। जिस पर गुरुवार को न्यायालय के समक्ष हाजिर हुए प्रमुख सचिव ने न्यायालय को जानकारी दी कि डेंटल सर्जन के पदों पर भर्ती के संबंध में वित्त विभाग से सहमति प्राप्त कर ली गई है।
अब सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन लेने की प्रक्रिया को किया जाना है और फाइल नियोजन विभाग को भेजी जानी है। इसके बाद लोक सेवा आयोग को भर्ती के लिए फाइल भेज दी जाएगी। उन्होंने न्यायालय को आश्वासन दिया कि दो महीने में उक्त कार्यवाहियां कर ली जाएगी। प्रमुख सचिव के जवाब पर न्यायमूर्ति आरआर अवस्थी की एकल सदस्यीय पीठ ने मामले की अग्रिम सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तिथि नियत की है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अग्रिम सुनवाई तक न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं होता तो प्रमुख सचिव को पुनः उपस्थित होना होगा।
2. राजीव गांधी ट्रस्ट के तत्वाधान में चल रहे स्वयं सहायता समूह के संचालन में दखल न देने का निर्देश
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अमेठी में एक स्वयं सहायता समूह वोकेशनल टे्रनिंग सेंटर द्वारा सरकारी जमीन पर राजीव गांधी चैरिटेबुल ट्रस्ट की ओर से संचालित राजीव गांधी महिला विकास परियेाजना के संचालन किए जाने पर रोक लगाने की नोटिस केा चुनौती दिए जाने वाली याचिका पर अंतरिम आदेश सुनाते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया है कि सेंटर के संचालन में केाई दखल न दिया जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार केा यािचका पर अपना जवाब दाखिल करने का आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे हपते मे करने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जस्टिस एसएन शुक्ला और जस्टिस एसके सिंह प्रथम की बेंच ने विकास ब्लॉक महिला समूह की ओर से दायर एक रिट याचिका पर पारित किया। याचिका में 22 अप्रैल 2017 को एसडीएम तिलोई के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें कहा गया था कि याची जिस जमीन पर अपना सेंटर चला रही है वह सरकारी अभिलेखों में राजकीय व सार्वजनिक स्वामित्व की भूमि के रूप में दर्ज है। नोटिस के जरिये याची से जवाब मांगा गया था कि वह किस अधिकार से वहां उक्त सेंटर चला रहा है।

याची की ओर से बहस करते हुए वकील सी बी पांडे का तर्क था कि उक्त भूमि राजकीय भूमि है इसमें कोई दुविधा नही है परंतु वह भूमि राजस्व अभिलेखेां में वोकेशनल ट्रेनिग के लिए ही रखी गयी है और याची वहां वोकेशनल ट्रेनिंग ही दे रहा है। कोर्ट ने यह देखते हुए कि उक्त जगह वोकेशनल टेंनिंग के लिए ही है राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सेंटर के संचालन में कोई दखल न दिया जाए।

SI News Today

Leave a Reply