Tuesday, April 16, 2024
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90 कॉल टेकर करेंगे 3 शिफ्ट में काम, ऐसे काम करेगी UP की डायल 181

SI News Today

लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को महिला हेल्पलाइन 181 की शुरुआत की। इस हेल्‍पलाइन के जरि‍ए महिलाओं को पुलिस, मेडिकल, कानूनी सलाह, काउंसि‍लिंग समेत 11 सुविधाएं जिले के आशा ज्योति केंद्र की एक छत के नीचे मिलेंगी। इसकी जिम्‍मेदारी 102 और 108 एंबुलेंस की संचालन कर रही कंपनी जीवीके-ईएमआरआई को दिया गया है। इस सिस्टम को टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ साइंटिस्ट ने बनाया है। बता दें, दिल्ली में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना के बाद देशव्यापी विरोध होने पर दूरसंचार मंत्रालय ने दिल्ली में महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 167 शुरू किया था। बाद में इस नंबर को बदलकर ‘181’ कर दिया गया।

Q. क्या है 181, हेल्प लाइन से किन-किन मामलों में मिलेगी मदद?
A. ये हेल्पलाइन महिलाओं से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई करेगी। इनमें नीचे दिए पॉइंट्स शामिल हैं-
#महिलाओं-लड़कियों के साथ मारपीट (किसी भी प्रकार की मारपीट)
#घरेलू हिंसा (वैवाहिक दुर्व्यवहार, यौन संबंध को लेकर हिंसा, घरेलु मारपीट या पारिवारिक हिंसा आदि)
#एसिड अटैक के मामले
#लड़कियों के साथ छेड़छाड़
#रेप-गैंगरेप
#दहेज उत्पीड़न
#सेल्टर होम (घर से निकाले जाने पर या घर नहीं जाने पर महिला को कुछ दिनों के लिए सेल्टर होम की मदद दी जाएगी)
#परामर्श (पारिवारिक विवाद को लेकर कानूनी सलाह यहां ली जा सकेगी)
#चाइल्ड लाइन (बच्चों से जुड़े मामलों को 1098 को ट्रांसफर कर दिया जाएगा)
#चिकित्सीय सुविधा (मेडिकल संबंधित कोई भी सुविधा)
#तत्काल पुलिस सहायता (पीड़िता को महिला पुलिस की मदद दिलवाई जाएगी)
#रेस्क्यू वैन (महिला को कोर्ट, अस्पताल ले जाना या पूछताछ के लिए ले जाने के लिए रेस्क्यू वैन की मदद दी जाएगी)
#पुलिस रिपोर्टिंग चौकी (मुकदमा दर्ज कर मामले को संबंधित थाने को ट्रांसफर किया जाएगा

Q. इतने हेल्प लाइन हैं तो इसकी जरूरत क्यों?
A.आशीष वर्मा ने बताया, 181 महिला हेल्प लाइन की जरूरत की वजह साफ़ है। जैसे, डायल 100 पर कॉल करने पर महिलाओं के पास सिर्फ पुलिस जाती है और मामले को लोकल पुलिस के हवाले कर देती है। डायल 100 की टीम कोई एक्शन नहीं लेती।

– वहीं, वीमेन पॉवर लाइन 1090 पर पीड़ित महिला के कॉल करने पर तीन बार आरोपी को समझाया जाता है। न मानने पर उसके खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करा दी जाती है।

– लेकिन 181 महिला हेल्प लाइन में एक छत के नीचे महिला संबंधी सभी सुविधाएं मिलेगी। पीड़ित महिलाओं को अलग-अलग शिकायतों के लिए दौड़ भाग नहीं करनी होगी।

Q. कैसे काम करेगी 181, कौन होगा टीम में?
A. ये हेल्प लाइन 2 शिफ्टों में काम करेगी। हेल्प लाइन को हर जिले में एक गाड़ी मिली हुई है। इसके लिए 2 ड्राइवर, महिला कल्याण विभाग की दो महिला, 2 महिला एसआई, 4 महिला सिपाही। हर शिफ्ट में 1 ड्राइवर, 1 महिला कल्याण की सदस्य, 1 एसआई और दो महिला सिपाही रहेंगे।

Q. कैसे काम करेगा 181 का कॉल सेंटर?
A.प्रोजेक्ट हेड आशीष वर्मा ने बताया, लखनऊ के आशियाना में 181 का कॉल सेंटर बना है। यह 8 घंटे की 3 शिफ्ट में काम करेगा। इस दौरान हर शि‍फ्ट में 30 कॉल टेकर आने वाली शिकायतों को अटेंड करेंगी। इस काम के लिए 90 कॉल टेकर की टीम को यूनिसेफ से ट्रेनिंग दी गई है।

Q. 181 हेल्प लाइन का रिस्पॉन्स टाइम क्या होगा?
A. अभी इसका कोई रिस्पांस टाइम का फिक्स नहीं किया गया है। आशीष मौर्या का दावा है कि इमरजेंसी के मुताबिक 15 से 30 मिनट पर पीड़ित महिला के पास 181 टीम पंहुच जाएगी। टीम पीड़ित महिला को आशा ज्योति केंद्र ले जाएगी, जहां परेशानी के अनुसार उसकी मदद की जाएगी।

Q. 181 को जिले में कौन करेगा लीड?
A. हर जिले के डीपीओ (डिस्ट्रिक्ट प्रोबेशन ऑफिसर) इस हेल्पलाइन को लीड करेगा। डीपीओ कलेक्ट्रेट में एक पोस्ट होती है जो कि नगालिग अपराध से लेकर दहेज उत्पड़ीन तक के मामलों को देखता है।

Q. 1 वैन कैसे करेगी पूरे जिले को कवर?
A. लखनऊ के 181 के नोडल अफसर सर्वेश पाण्डेय ने बताया, हम पूर्व में चल रही सभी हेल्पलाइन, थाना, एंबुलेंस से कॉर्डिनेट करेंगे। जहां जिसकी जरूरत पड़ेगी उससे मदद ली जाएगी। जैसे, एक समय में चार घटनाएं हो जाती हैं। अगर सभी ने 181 से मदद मांगी तो संबंधित थाने और एंबुलेंस से कॉर्डिनेट करके सबसे नजदीकी स्पॉट के पास हमारी टीम पहुंचेगी। बाकी केसों पर लोकल टीम एक्शन लेगी।

Q. 181 सेवा के तहत एक छत के नीचे मिलेंगी ये सुविधाएं?
A.181 हेल्पलाइन का पूरा नाम ‘181 महिला आशा ज्योति लाइन’ है। इसके तहत आशा ज्योति केंद्र में पीड़ित महिलाओं को कई सुविधाएं मिलेंगी, जो कि इस प्रकार हैं-

#शेल्टर होम में रहने की मदद
#महिला पुलिस
#चाइल्ड लाइन
#काउन्सलिंग (महिलाओं को मनौवैज्ञानिक सलाह मिलेगी)
#मेडिकल सुविधा
#एफआईआर रूम
#लीगल हेल्प
#कौशल विकास की ट्रेनिंग
#किचन
#लाइब्रेरी
#मीटिंग हॉल
#एडमिन रूम
एक्सपर्ट बोले- कोई खास नहीं 181 हेल्प लाइन
– महिला सुरक्षा मामलों के एक्सपर्ट बलवीर सिंह के मुताबिक, 181 सर्विस शुरू करने से कोई खास फायदा होने वाला नहीं है। प्रदेश में पहले से ‘1090’ के नाम से एक वुमन हेल्प लाइन सर्विस चल रही थी, योगी सरकार सरकार को उसे ही और बेहतर बनाना था।

– एक से ज्यादा वुमन हेल्प लाइन शुरू करने से पुलिस को काम करने में काफी प्रोब्लम आएगी। क्योंकि ‘1090’ की तरह ही ‘181’ में भी पीड़ित तक पहुंचने का काम पुलिस का ही होगा। प्रदेश में पुलिस की संख्या पहले से ही कम है। पुलिस पहले ही ‘1090’ और डायल 100 के काम में व्यस्त है। इससे उनके परफॉरमेंस में गिरवाट आएगी।

– वहीं, पूर्व डीजीपी के.एल गुप्ता ने बताया, 181 योजना महिला सशक्तिकरण के लिए है। किसी भी योजना को सफल बनाने के लिए कॉल सेंटर से ज्यादा मॉनिटरिंग सिस्टम को बेहतर करने पर जोर देना चाहिए। क्योंकि आए दिन डायल 100 की गाड़ियों की वसूली और समय से न पहुंचने की खबर मिलती रहती है।

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