Could create table version :No database selected श्री महाबीरन धाम के धार्मिक स्थल पर देवउठनी एकादशी एवम तुलसी विवाह के अवसर पर किया गया मेले का आयोजन - SI News Today
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श्री महाबीरन धाम के धार्मिक स्थल पर देवउठनी एकादशी एवम तुलसी विवाह के अवसर पर किया गया मेले का आयोजन

श्री महाबीरन धाम के धार्मिक स्थल पर देवउठनी एकादशी एवम तुलसी विवाह के अवसर पर किया गया मेले का आयोजन

श्री महाबीरन धाम के धार्मिक स्थल पर देवउठनी एकादशी एवम तुलसी विवाह के अवसर पर किया गया मेले का आयोजन

अमौली बरमपुर गांव व अमौली कस्बे मध्य में स्थित श्री महावीरन धाम के धार्मिक स्थल में कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी एवम तुलसी विवाह के अवसर पर ग्रामीणों ने दसमी के दिन श्री राम चरित्र मानस के पाठ की स्थापना कर एकादशी के दिन पाठ समापन कर बुजुर्ग ग्रामीणों ने मेला लगाने की प्रथा डाल दी थी। तब से श्रद्धलुओं की श्रद्धा और भक्तगणों की मनोकामनाएं पूर्ण होने लगी तब से ग्रामीण लोग श्रद्धा के साथ एकादशी के दिन इकत्रित हो कर श्री राम चरित्र मानस का आखण्ड पाठ सुन कर मन्त्र मुग्ध हो जाते है। श्री राम चरित्र मानस के पाठ की समाप्ति के बाद भण्डारे का आयोजन कर प्रसाद बाटकर मेला में लाठियो से लट्ठमार युवक करतब दिखाते हुए मेला देखने आए श्रद्धालुओ का आनन्द प्रदान करते है। बताते चले कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी एवम तुलसी विवाह के अवसर पर अमौली कस्बे के बुजुर्ग श्रद्धालु एवम बरमपुर गांव के बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने मध्य में बसे श्री महाबीरन धाम के स्थल पर बड़े धूम धाम से कार्तिक मास की एकादसी को श्री राम चरित्र मानस का आखण्ड पाठ कर भण्डारे का प्रसाद चख कर श्रद्धा के साथ लेटकर बजरगबली धाम के आस पास फेरी व लेट कर परिक्रमा भी करते है जिससे श्रद्धालुओ की मनोकामना की पूर्ति हो जाती है। यहा प्रसाद का भंडारा देर रात्रि पहर तक चलता रहता है। परिक्रमा में छोटे छोटे बच्चे भी प्रतिभागी बनते है। तथा देवउठनी एकदशी के दिन मेले में लट्ठमार दिवारी खेलने की परंपरा को जीवित रखे हुए है । इस मौके पर गांव के सम्मानित नागरिक गण मौजूद रहते है।

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