Friday, April 19, 2024
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कंडोम विज्ञापन पर विवाद: नवरात्र से पहले ही कंडोम की बिक्री में 35 फीसदी की उछाल…

SI News Today

गुजरात में कंडोम बनाने वाली एक कंपनी द्वारा नवरात्र में जारी किया विज्ञापन विवादों में जरूर आ गया। लेकिन गुजरात में नवरात्र से पहले ही कंडोम की बिक्री में 35 फीसदी की उछाल आ गई है। इसमें आगे और भी तेजी आने की उम्मीद है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात स्टेट फेडरेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (GSFCDA) का कहना है कि हर साल नवरात्रि के दौरान राज्य में कंडोम और गर्भ निरोधक दवाओं की बिक्री बढ़ जाती है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। इस संगठन के आंकड़ों के मुताबिक नवरात्रि से पहले ही बाजार में कंडोम और गर्भनिरोधक दवाओं की बिक्री में इजाफा हुआ है। इस बार ताजा आंकड़ों के मुताबिक इन प्रोडक्ट्स के बाजार में 35 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। बता दें कि बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी की तस्वीरें वाली कंडोम का विज्ञापन गुजरात में लगाया गया था। इस पोस्टर में गुजराती भाषा में लिखा गया था, ‘आ नवरात्रि ए रमो, परन्तु प्रेम थी।’ इसका अर्थ होता है, इस नवरात्रि में खेलिए, मगर प्यार से। इस होर्डिंग्स को जैसे ही गुजरात में लगाया गया कई हिन्दू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में इस होर्डिंग्स को उतार लिया गया।

GSFCDA के चेयरमैन जशवंत पटेल ने टीओआई को बताया कि इस बार त्यौहार से पहले ही कंडोम और गर्भ निरोधक दवाओं की बिक्री में इजाफा देखा गया है। संगठन के मुताबिक देर रात तक खुले रहने वाले पान के दुकान भी कंडोम बेचने लगे हैं। बता दें कि नवरात्रि के दौरान गुजरात में देर रात तक डांडिया और गरबा का डांस होता है। कंडोम की बिक्री में इजाफे का फायदा इससे जुड़ी कंपनियां उठा रही हैं और कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग कोशिशों में भी जुटी हैं। गुजरात के डॉक्टरों के एक संगठन गुजरात नेशनल मेडिको ऑर्गनाइजेशन (GNMO) जो कि आरएसएस से जुड़ा है, ने अपने सात हजार सदस्यों को कहा है कि इस कंपनी से जुड़ी कोई भी गर्भ निरोधक दवा वे इलाज के लिए आए लोगों को ना लिखें। GNMO के अध्यक्ष डॉ प्रकाश कुर्मी ने कहा है कि इस कंपनी ने विज्ञापन में ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जिससे हिन्दुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। डॉ कुर्मी के मुताबिक उनकी संस्था ने सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन को वापस लेने और माफी मांगने का अभियान चलाया है।

हालांकि इस विवाद के बाद कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि, ‘नवरात्रि होर्डिंग्य विज्ञापन किसी की भावनाओं को आहत करने के लिए नहीं था और इसे तुरंत वापस ले लिया गया है, हम ऐसे किसी भी घटना पर पश्चताप जताते हैं।’ आरएसएस से जुड़ी डॉक्टरों की एक दूसरी संस्था ने इस मामले में इंडियन मेडिकल काउंसिल से दखल की मांग की है। आरोग्य भारती नाम की संस्था के अध्यक्ष डॉ प्रवीण भवसार ने कहा कि, ‘हम कंपनी के इस कदम की आलोचना करते हैं और इस मामले में आईएमसी और सरकार के दखल की मांग करते हैं ताकि इस कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।’

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