Saturday, May 18, 2024
featuredदेशराज्य

सुसाइड से परेशान कोटा, ह़ॉस्टल के पंखों में लगे सायरन और स्प्रिंग

SI News Today

इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग का हब कहा जाने वाला कोटा हाल ही बच्चों की खुदकुशी के चलते बदनाम हो गया है। माता-पिता अपने बच्चों को यहां पर कोचिंग भेजने में डरने लगे हैं। दरअसल देशभर से आए लाखों छात्र यहां के हॉस्टल में रहकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने की तैयारी करते हैं, लेकिन जब उन्हें सफलता नहीं मिलती है तो वे आत्महत्या करने का फैसला कर बैठते हैं। ज्यादातर आत्महत्याएं सीलिंग फैन में फांसी लगाकर होती हैं।

इन सब घटनाओं को ध्यान में रखते हुए कोटा हॉस्टल एसोसिएशन ने एक प्लान बनाया है। एसोसिएशन ने सभी हॉस्टल के पंखों में स्प्रिंग और सेंसर लगाने को अनिवार्य कर दिया है। कोटा हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि एसोसिएशन फैसला किया है कि हॉस्टल के पंखों में स्प्रिंग और सायरन सेंसर लगाए जाएंगे। स्प्रिंग केवल 20 किलो तक का भार ही वजन सह पाएगा। इससे ज्यादा वजन होने पर स्प्रींग बाहर टूटकर नीचे गिर जाएगा और सेंसर आवाज करने लगेगा।

गुजरात की एक कंपनी को ये स्प्रिंग, सायरन और सेंसर सप्लाई के ऑर्डर दिए गए हैं। अगले कुछ महीनों में सेंसर शहर के अधिकतर हॉस्टलों में ये सभी उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा बायोमीट्रिक अटेंडेंस मशीन भी रोज की हाजिरी के लिए लगाए जाएंगे, जिसे वार्डन और पैरेंट्स भी देख सकते हैं।

शहर के आस-पास के 90 प्रतिशत हॉस्टल्स में बायोमीट्रिक मशीनें लगायी जा चुकी हैं। लगभग 500 हॉस्टल्स एसोसिएशन के साथ रजिस्टर्ड हो चुके हैं। हॉस्टल के इंट्री और आउट गेट पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार 2014 में कोटा में फेल होने की डर से 45 बच्चों ने आत्महत्या कर ली थी, जबकि पिछले साल 17 छात्रों ने कोटा में मौत को गले लगा लिया। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन भी आत्महत्या को रोकने का प्रयास कर रहा है। कोटा में इस समय देशभर के लगभग 2 लाख छात्र आईआईटी/जेईई और मेडिकल की तैयारी कर रहे हैं।

SI News Today

Leave a Reply